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एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी करने वाले छह साइबर अपराधी गिरफ्तार, कई सामान बरामद

हजारीबाग पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी करने वाले छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है.

Hazaribag police
गिरफ्तार अपराधियों के साथ पुलिस अधिकारी (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 2, 2026 at 7:13 PM IST

3 Min Read
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हजारीबाग: नए साल के अवसर पर साइबर अपराधी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी करने का बड़ा प्लान बना रहे थे. हजारीबाग पुलिस ने उनके प्लान पर पानी फेरते हुए 6 साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. जिनके पास से बारह मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड और 10 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं.

हजारीबाग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देश भर में ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. विष्णुगढ़ एसडीपीओ बैद्यनाथ प्रसाद ने बताया कि विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से कुल छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है.

साइबर अपराधी गिरफ्तार (ईटीवी भारत)

पुलिस को प्रतिबिंब एप पर प्राप्त शिकायत और डाटा के आधार पर सूचना मिली थी. पता चला था कि थाना क्षेत्र के भेलवारा के आसपास एक गिरोह सक्रिय है, जो फर्जी वेबसाइटों पर एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन डालकर लोगों को झांसे में लेकर डिजिटल माध्यमों से ठगी करता है. संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन भी इसी इलाके में ट्रेस की गई.

सूचना के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ बैद्यनाथ प्रसाद के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. टीम ने विष्णुगढ़-हजारीबाग रोड स्थित इंटर कॉलेज के पास रात करीब एक बजे एक कार को रोका, जिसमें सवार छह लोगों की गतिविधि संदिग्ध पाई गई.

पूछताछ में सभी के साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने की पुष्टि हुई. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, 12 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में टिंकू रवानी, इंद्रदेव रवानी, कुंदन कुमार, मुन्नू कुमार, सूरज कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं.

क्या है एस्कॉर्ट सर्विस

दरअसल, साइबर अपराधी एक फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं. जिसमें युवतियों की फोटो लगी होती है. वेबसाइट से जुड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसा लिया जाता है. इसके बाद युवतियों से बात करने के नाम पर पैसा वसूला जाता है. जिस युवक ने रजिस्ट्रेशन कराया है, उस लड़की से बात करते हुए ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जाता है. फिर यहीं से शुरू होता है ब्लैकमेल का दौर. सेक्सटॉर्शन के नाम पर पैसा वसूला जाता है. कई बार ऐसा भी हुआ है कि सेक्सटॉर्शन के चलते भुक्तभोगी ने आत्महत्या भी कर ली है.

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