हथिनीकुंड बैराज हादसा: जींद से मिला दूसरे जवान का शव, नाव पलटने की वजह से हुआ था हादसा
हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता हुए दूसरे पैरा कमांडो का शव भी बरामद कर लिया गया है. करीब 35 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला.

Published : September 3, 2026 at 1:49 PM IST
|Updated : September 3, 2026 at 7:38 PM IST
यमुनानगर: हथिनीकुंड बैराज हादसे में लापता हुए दूसरे पैरा कमांडो का शव भी बरामद कर लिया गया है. करीब 35 घंटे तक चले इस गहन सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों लापता जवानों के पार्थिव शरीर मिल गए हैं. ये दुखद हादसा 1 सितंबर 2026 (मंगलवार) को उस समय हुआ था जब 1 पैरा स्पेशल फोर्स (1 PARA SF) के 5 जवान चिनूक हेलीकॉप्टर से यमुना नदी में मोटर बोट पर उतरकर वाटरमैनशिप ट्रेनिंग का अभ्यास कर रहे थे.
नाव हादसा- दोनों जवानों के शव बरामद: अभ्यास के दौरान बोट का इंजन अचानक बंद हो गया और तेज बहाव व भंवर के कारण नाव पलट गई. नाव में सवार 5 जवानों में से 3 जवान तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 2 जवान (महाराष्ट्र के आरएन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अजय) तेज धारा में बह गए थे. करीब 35 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया है.
- पहला शव: बुधवार (2 सितंबर) की रात को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले असलमपुर बरथा गांव के पास यमुना नदी से बरामद किया गया, जो बैराज से कुछ दूरी पर था.
- दूसरा शव: खोजबीन के दायरे को बढ़ाने के बाद दूसरे जवान का पार्थिव शरीर जींद जिले में हांसी ब्रांच नहर के पास से बरामद कर लिया गया है. इसके साथ ही ये रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है.
50 से अधिक जवानों की टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन: लापता दोनों जवानों को खोजने के लिए सेना, वायुसेना के हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) के 50 से अधिक जवानों की टीमों ने एक बड़ा साझा सर्च ऑपरेशन चलाया.
हिमाचल प्रदेश में तैनात 1 पैराशूट बटालियन का हिस्सा थे दोनों जवान: ये दोनों बहादुर कमांडो हिमाचल प्रदेश में तैनात सेना की प्रतिष्ठित 1 पैराशूट बटालियन (विशेष बल) का हिस्सा थे. वो यमुनानगर में बाढ़ राहत और वाटरमैनशिप अभ्यास के दौरान कर्तव्य निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए.

