‘हसीना गैंग’ की दहशत, रात में 'हसीन चेहरे' दिखाकर राहगीरों को लूटपाट..
मुजफ्फरपुर में एनएच-27 और एनएच-28 पर रात के समय राहगीरों से लूटपाट करने वाले कथित 'हसीना गैंग' को लेकर लोगों में दहशत. रिपोर्ट- विवेक कुमार

Published : August 30, 2026 at 1:17 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर-मोतिहारी फोरलेन पर चांदनी चौक से दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के बीच इन दिनों कथित ‘हसीना गैंग’ को लेकर स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि देर रात सड़क से गुजरने वाले बाइक और कार सवारों को कथित तौर पर आकर्षक तरीके से रोककर लूटपाट की जाती है. हालांकि, पुलिस ने अब तक किसी संगठित ‘हसीना गैंग’ के सक्रिय होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
किन्नरों को आगे कर वाहन रोकने का आरोप: स्थानीय लोगों के अनुसार, कांटी थाना क्षेत्र के चांदनी चौक से दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड के बीच रात के समय कुछ लोग सक्रिय रहते हैं. आरोप है कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर किन्नरों को आगे कर बाइक और कार सवारों को रोकते हैं. जैसे ही कोई राहगीर रुकता है, पीछे मौजूद अन्य लोग उसे घेर लेते हैं और कथित तौर पर लूटपाट कर फरार हो जाते हैं.
कैसे पड़ा ‘हसीना गैंग’ नाम: स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनाओं के कथित तौर-तरीकों को देखते हुए ही उन्होंने इसे ‘हसीना गैंग’ का नाम दिया है. बीते कुछ दिनों में इस तरह की घटनाओं की चर्चा के बाद इलाके के लोगों में डर बढ़ गया है. लोगों का कहना है कि रात में परिवार के साथ इस रास्ते से गुजरने में भी लोग अब असहज महसूस कर रहे हैं.
पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग: स्थानीय लोगों ने मामले को लेकर कांटी थाना पुलिस को आवेदन भी दिया है. लोगों ने रात के समय चांदनी चौक से हाउसिंग बोर्ड के बीच पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि "यह इलाका रिहायशी है और देर रात असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित पुलिस पेट्रोलिंग जरूरी है."
पुलिस की निगरानी में मामला: पूरे मामले को लेकर डीएसपी वेस्ट-वन सुचित्रा कुमारी ने बताया कि कांटी थाना पुलिस को हाउसिंग बोर्ड के समीप रहने वाले लोगों से सूचना मिली थी कि कथित ‘हसीना गैंग’ द्वारा लूटपाट की जा रही है. सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है.
"पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. हालांकि, पूछताछ के दौरान दोनों का कथित ‘हसीना गैंग’ से संबंध सामने नहीं आया. इसके बाद दोनों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया."- सुचित्रा कुमारी, डीएसपी वेस्ट-वन
क्या है ‘हसीना गैंग’ की वास्तविकता?: पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट की कोई संगठित गतिविधि चल रही है या अलग-अलग घटनाओं को स्थानीय लोगों ने एक ही नाम से जोड़कर देखा है. जांच पूरी होने के बाद ही ‘हसीना गैंग’ की वास्तविकता सामने आ सकेगी.
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