हसदेव नदी को मिलेगी नई पहचान, कोरिया कलेक्टर ने शुरू की पहल
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने क्षेत्र के विकास को लेकर ग्रामीणों एवं अधिकारियों से चर्चा की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 26, 2026 at 7:50 PM IST
कोरिया: छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी हसदेव नदी के उद्गम स्थल के संरक्षण, संवर्धन और पर्यटन विकास को लेकर जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. आज कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने हसदेव नदी के उद्गम स्थल पहुंचकर नदी और आस पास के इलाकों का निरीक्षण किया और क्षेत्र के विकास को लेकर ग्रामीणों एवं अधिकारियों से चर्चा की.
हसदेव नदी को मिलेगी नई पहचान
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए नदी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और उद्गम स्थल के विकास को लेकर सुझाव लिए. कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों को हसदेव नदी को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने की शपथ भी दिलाई. कलेक्टर ने कहा कि हसदेव नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा और प्राकृतिक धरोहर है.

हसदेव नदी के संरक्षण के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है. शासन की मंशा के अनुरूप नदी संरक्षण के लिए सभी विभागों को मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना होगा: रोक्तिमा यादव, कलेक्टर
इलाके को किया जाएगा विकसित
कलेक्टर ने हसदेव उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास और इसे एक प्रमुख पर्यटन एवं आस्था केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि हसदेव नदी की पहचान केवल कोरिया जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और देश में महत्वपूर्ण स्थान रखती है. ऐसे में इसके उद्गम स्थल को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी.

हसदेव उद्गम स्थल के विकास के लिए पंचायत, वन विभाग और जल संसाधन विभाग की संयुक्त समिति बनाकर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिल सके. नदी संरक्षण का सीधा संबंध पर्यावरण, जल सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से है. नदियों के कैचमेंट क्षेत्र में ऐसे कार्य किए जाएं, जिससे भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके: रोक्तिमा यादव, कलेक्टर

कलेक्टर ने दिए निर्देश
कलेक्टर ने पंचायत, जल संसाधन, वन और खनिज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले से निकलने वाली नदियों के ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का दस्तावेजीकरण किया जाए. साथ ही स्कूलों के विद्यार्थियों को नदी उद्गम स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाए, ताकि नई पीढ़ी को जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके.

वृक्षारोपण और जल संरचनाओं पर दिया जोर
कलेक्टर ने कैचमेंट क्षेत्र में वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वाटर रिचार्ज और आवश्यक जल संरचनाओं के निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हसदेव उद्गम स्थल को पर्यटन से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र में स्वच्छता और नियमित निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा.
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