हरियाणा में आज पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक, बूंदाबांदी के आसार
हरियाणा में आज पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण हल्की बूंदाबांदी के आसार है.

Published : February 28, 2026 at 9:13 AM IST
चंडीगढ़: हरियाणा में फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है और कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. 27 फरवरी के मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 9 शहरों में अधिकतम तापमान 30°C से अधिक रहा. यह बदलाव समय से पहले गर्मी बढ़ने का संकेत दे रहा है. साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण दिन के तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे दोपहर के समय तेज गर्मी का अहसास होने लगा है.
हिसार सबसे गर्म: राज्य में सबसे अधिक तापमान हिसार में 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 6.3 डिग्री अधिक है. इसके अलावा भिवानी, महेंद्रगढ़, नूंह, गुरुग्राम, रोहतक और सोनीपत सहित कई क्षेत्रों में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया. राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4.7 डिग्री अधिक बना हुआ है.
Observed #Maximum #Temperature over #Punjab, #Haryana & #Chandigarh dated 27-02-26 pic.twitter.com/DH7NJS4KLU
— IMD Chandigarh (@IMD_Chandigarh) February 27, 2026
पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है. 4 मार्च तक एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई गई है. इसके चलते मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा और तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है. हालांकि बड़ी राहत की उम्मीद फिलहाल कम है.
रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर: दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है. औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया. करनाल में न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री, चंडीगढ़ में 12.8 डिग्री और रोहतक में 12.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. रात में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होने से दिन की गर्मी का असर और अधिक महसूस हो रहा है.
फसलों पर असर की आशंका: मौसम में यह असामान्य बढ़ोतरी किसानों की चिंता बढ़ा सकती है. तापमान में तेजी से वृद्धि फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर असर डाल सकती है. आने वाले दिनों में मौसम का रुख किसानों के लिए अहम साबित होगा.

