हरियाणा के इन जिलों में पुरानी गाड़ियां दौड़ाने पर लगा ब्रेक, फौरन चेक करें कहीं आपका शहर तो नहीं
हरियाणा परिवहन विभाग ने एनसीआर के जिलों में गाड़ियों को लेकर नया आदेश जारी किया है.

Published : February 12, 2026 at 4:23 PM IST
चंडीगढ़ : दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में बना रहता है. ऐसे में इसके साथ लगते राज्यों पर भी इसका असर पड़ता है. हरियाणा के आधे जिले एनसीआर क्षेत्र में आते हैं, ऐसे में हरियाणा परिवहन विभाग ने एनसीआर के 14 जिलों में अब 12 साल पुराने पर्यटन वाहनों ( पेट्रोल और सीएनजी) के संचालन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है.
एनसीआर में गाड़ियों की ये रहेगी उम्र : हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि "अब से अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली पेट्रोल/सीएनजी वाहनों की उम्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 12 वर्ष तय की गई है, जबकि डीजल वाहनों के मामले में ये सिर्फ 10 साल रहेगी.
गैर-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गाड़ियों की उम्र : वहीं गैर-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात करें तो अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली पेट्रोल/सीएनजी/डीजल गाड़ियों की उम्र 12 वर्ष रहेगी.
10 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियां नहीं दौड़ पाएंगी : इस आदेश के बाद अब एनसीआर क्षेत्र के 14 जिलों में पेट्रोल और सीएनजी के वही पर्यटन वाहन चल सकेंगे, जिनका रजिस्ट्रेशन 12 साल से कम का होगा. इससे ज्यादा समय के रजिस्टर्ड पर्यटन वाहन एनसीआर में नहीं चल सकेंगे. वहीं डीजल गाड़ियों के मामले में लिमिट 10 साल की रखी गई है. 14 जिलों में अब 10 साल से ज्यादा पुरानी रोडवेज, प्राइवेट, टूरिस्ट, स्कूल बसें, ट्रक, कॉन्ट्रैक्ट, गुड्स कैरिज जैसे वाहन भी नहीं चलेंगे. इनकी समयावधि 5 साल घटाई गई है. पहले ये 15 साल तक चल सकते थे. जो इन नियमों का उल्लंघन करेगा, ऐसी गाड़ियों को मौके से ही जब्त कर लिया जाएगा.
हरियाणा के कौन से जिले एनसीआर में आते हैं : हरियाणा में इस वक्त कुल 23 जिले हैं जिनमें से एनसीआर क्षेत्र में हरियाणा के 14 जिले आते हैं, जो कि पूरे प्रदेश का 57% हिस्सा है. एनसीआर में आने वाले जिलों में नूंह, रोहतक, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल शामिल हैं.
एनसीआर में नहीं आने वाले हरियाणा के जिले : वहीं एनसीआर से बाहर के क्षेत्र में 9 जिले आते हैं जिनमें पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, कैथल, हांसी, फतेहाबाद, अम्बाला शामिल हैं.
अधिसूचना के बाद फैसला हुआ लागू : आपको बता दें कि एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते ये फैसला लिया गया है. प्रदूषण के पीछे गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को बड़ी वजह माना जाता है. वहीं अगर पुराने वाहनों की बात करें तो ये ज्यादा धुआं छोड़ते हैं. इसका स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. दिसंबर में हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई थी जिसे अब अधिसूचना जारी कर लागू कर दिया गया है.

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