अब इस दिन होगी HTET परीक्षा, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने दी जानकारी
13 और 14 जून को होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था.अब बोर्ड अध्यक्ष ने नई तारीखों की घोषणा की.

Published : May 29, 2026 at 6:10 PM IST
|Updated : May 29, 2026 at 6:38 PM IST
भिवानी: जून महीने में आयोजित होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 को कारणों से स्थगित कर दिया गया था. इस संबंध में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने शुक्रवार को एक आधिकारिक प्रेस वक्तव्य जारी कर विस्तृत जानकारी साझा की. बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि "शिक्षा बोर्ड द्वारा इस पात्रता परीक्षा का आयोजन आगामी 13 और 14 जून को राज्यभर के विभिन्न केंद्रों पर करवाया जाना निर्धारित था. जिसकी तारीखें बदल दी गई हैं."
HTET परीक्षा की नई तारीख घोषित: HTET परीक्षा अब 4 और 5 जुलाई को संचालित होगी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि "मेरे पास सैंकड़ो ईमेल और फोन पर लोगों ने अपील की थी. इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं और वो महिलाएं जिनके बच्चे छोटे हैं उन्हें परीक्षा देने में काफी परेशानी होगी. इस स्थिति को देखते हुए परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया गया था. अब नई तारीखों का ऐलान किया गया है"
अफवाहों पर ध्यान ने देने की अपील: अध्यक्ष ने सभी अभ्यर्थियों और आवेदकों से अपील की है कि "वे परीक्षा के आयोजन और आगामी कार्यक्रम के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें. प्रामाणिक और सटीक जानकारी के लिए अभ्यर्थी समय-समय पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर विजिट करते रहें. बोर्ड द्वारा हर अपडेट सबसे पहले इसी पोर्टल पर लाइव किया जाएगा."
करीब 2 लाख 45 हजार परीक्षार्थी देंगे एग्जाम: गौरतलब है कि बीते दिनों हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन डॉक्टर पवन कुमार ने जानकारी दी थी कि "इस बार प्रदेशभर से करीब 2 लाख 45 हजार परीक्षार्थी एचटेट परीक्षा में बैठेंगे. इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए पूरे हरियाणा में 820 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं. सभी केंद्रों पर सुरक्षा और नकल रोकने के कड़े इंतजाम रहेंगे. जिन अध्यापकों की ड्यूटी वर्तमान में जनगणना कार्य में लगी हुई है, उन्हें एचटेट परीक्षा की ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा. इस निर्णय से शिक्षकों पर काम का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और वे अपने वर्तमान विभागीय कार्यों को बिना किसी मानसिक तनाव के पूरा कर सकेंगे."

