हरियाणा में होगा चक्का जाम!, रोडवेज कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को दी चेतावनी, अपनी मांगों पर अड़े
हरियाणा में एक बार फिर रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करने की तैयारी में है. कर्मचारियों ने सांकेतिक हड़ताल करते हुए सरकार को चेतावनी दी.


Published : December 25, 2025 at 2:14 PM IST
|Updated : December 25, 2025 at 3:23 PM IST
चरखी दादरी: हरियाणा रोडवेज कर्मचारी एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर चक्का जाम करने की तैयारी में है. सरकार से समझौते के बाद भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया. अब रोडवेज कर्मचारियों ने सांकेतिक भूख-हड़ताल करते हुए सरकार के खिलाफ रोष जताया है. कर्मचारियों ने समझौते के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने के आरोप लगाए हैं. 32 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में कर्मचारियों ने हड़ताल सहित बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है. हड़ताल के दौरान दूसरे विभागों ने भी समर्थन करते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है.
रोडवेज वर्कर्स के सरकार पर आरोप: रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दिनोद व कर्मचारी नेता कृष्ण की अगुवाई में दादरी रोडवेज बस स्टैंड परिसर में कर्मचारियों ने मीटिंग की और बाद में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी सांकेतिक भूख हडताल पर बैठ गए. इस दौरान कर्मचारियों ने अधिकारियों व सरकार पर वार्ता के बाद भी मांगें पूरी नहीं करने के आरोप लगाए हैं.
रोडवेज कर्मचारियों की सरकार को दो टूक: कर्मचारी नेताओं ने बताया कि "सरकार व आला अधिकारियों से हुई बातचीत में सहमति अनुसार मानी गई मांगों को लागू न करके सरकार ने विश्वासघात व वायदा खिलाफी की है". कर्मचारियों ने कहा कि "32 सूत्रीय मांगों को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी. पहले परिवहन मंत्री के निवास पर न्याय मोर्चा के माध्यम से अपना हक मांगेंगे और जरूरत पड़ने पर रोहतक में साझा मोर्चा की बैठक बुलाएंगे. रणनीति बनाते हुए रोडवेज बसों का चक्का जाम करते हुए हड़ताल पर भी चले जाएंगे. इस बार वे पीछे नहीं हटेंगे. आर-पार की लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं".
रोडवेज वर्कर्स की प्रमुख मांगें: हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझआ मोर्चा के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, लिपिकों-परिचालकों-चालकों का वेतनमान बढ़ाने, अर्जित अवकाश पहले की तरह लागू करने, कौशल रोजगार निगम भंग कर खाली पदों पर पक्की भर्ती करने, जोखिम भत्ता देने, डी ग्रुप कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर निकालकर प्रमोशन करने, स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित करने, तकनीकी वेतनमान देने, सभी खाली पदों पर पदोन्नति करने की मांग शामिल है.
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