12 फरवरी को हरियाणा रोडवेज की बसें रहेंगी ठप, सिरसा में ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर फैसला
12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में सिरसा में बैठक कर मार्च निकाला गया.

Published : February 11, 2026 at 10:50 PM IST
सिरसाः 12 से अधिक ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल होने जा रही है. हड़ताल को कई किसान संगठनों का समर्थन है. हड़ताल का सबसे अधिक असर हरियाणा में परिवहन सेवा पर पड़ने का अनुमान है. वहीं हड़ताल को सफल बनाने के लिए बुधवार को सिरसा बस अड्डा परिसर में रोडवेज कर्मियों ने गेट मीटिंग की और चक्का जाम करने का ऐलान भी किया है. इस दौरान कर्मचारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया है.
रोडवेज की बसों की यात्रा से बचें': कर्मचारी नेता पृथ्वी सिंह चाहर का कहना है कि "बीजेपी सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है जिसके चलते उनको राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है. उन्होंने सिरसा जिला के यात्रियों से भी अपील करते हुए कहा कि कल राष्ट्रव्यापी हड़ताल है. जरूरी काम न हो तो रोडवेज की बसों में यात्रा नहीं करने का विचार करें, क्योंकि कल रोडवेज की सिरसा जिला से एक बस भी रवाना नहीं होगी. ऐसे में यात्रियों को कोई परेशानी न हो.
जीएम का दावा-हड़ताल से निपटने के लिए रोडवेज पूरी तरह तैयारः वहीं रोडवेज के चक्का जाम के ऐलान के चलते रोडवेज विभाग द्वारा व्यापक प्रबंध करने का दावा किया है. रोडवेज जीएम अनित कुमार यादव ने सिरसा जिले में बसों को चलाने का दावा किया है. हरियाणा रोडवेज के जीएम अनित कुमार ने बताया कि "कल होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज प्रशासन पूरी तरह से तैयार है. अलग-अलग संगठन के प्रतिनिधियों को बुलाकर बैठक भी की गई है." उनसे अपील भी की गई है की हड़ताल में शामिल न हों. इसके लिए नोटिस भी जारी किया गया है और उनकी पूरी कोशिश रहेगी की हड़ताल कामयाब ना हो." उन्होंने बताया कि "सिरसा जिले में 180 बसें हैं और डबवाली सब डिपो में 55 बसे हैं. सभी बसों को निर्धारित समय पर चलाया जाएगा. इसके साथ-साथ जिला प्रशासन का भी पूरी तरह से सहयोग हैं."
सरकार समान काम के लिए समान वेतन देः कर्मचारी नेता मदन लाल ने कहा कि "कल की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते पूरे प्रदेश में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा और एक भी रोडवेज की बस सड़क पर नहीं उतरेगी. जब तक सरकार समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन बहाली समते विभागों का निजीकरण नहीं करने की कर्मचारियों की मांगे नहीं मानती तब तक इस तरह के आंदोलन चलते रहेंगे."
'हड़ताल को सभी संगठनों का समर्थन है': किसान सयुंक्त मोर्चा के नेता सुखदेव सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि "इस हड़ताल में सभी संगठनों का समर्थन है. सरकार कारपोरेट घरानों को सब कुछ देने को तैयार है और कर्मचारियों का शोषण कर रही है. किसानों और कर्मचारियों के खिलाफ सरकार लगातार कानून ला रही है. उसका हम पुरजोर विरोध करते हैं."

