हरियाणा में विपक्ष को नहीं भाया बजट, हुड्डा बोले-"खोदा पहाड़, निकली चुहिया", चौटाला ने कहा- "नाम बड़े और दर्शन छोटे"
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बजट को पेश करने के बाद विपक्ष ने बजट की आलोचना की है.

Published : March 2, 2026 at 10:43 PM IST
चंडीगढ़ : हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बजट को पेश करने के बाद अब विपक्ष ने बजट की आलोचना की है. कांग्रेस और इनेलो ने इसे दिखावे का बजट करार दिया है.
"खोदा पहाड़ निकली चुहिया" : नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि "सीएम ने बहुत लंबा बजट पढ़ा, जबकि इसकी जरूरत नहीं थी. बजट सिर्फ कोरी भाषणबाजी के अलावा कुछ भी नहीं था. उन्होंने इसे "खोदा पहाड़ निकली चुहिया" वाला बजट करार दिया. उन्होंने कहा कि कृषि के लिए भी बजट में कुछ भी बड़ा नहीं था. लाडो लक्ष्मी योजना के तहत सभी 18 साल से ऊपर की महिलाओं को लाभ देने की बात कही थी, अभी तक 634 करोड़ दिए हैं, जबकि पांच हजार करोड़ पिछले साल रखे था. इनके घोषणा पत्र के हिसाब से योजना का लाभ 67 फीसदी महिलाओं को नहीं मिल रहा. सरकार "कर्जा लो, घी पियो" की तर्ज पर चल रही है. हरियाणा सरकार पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि ना तो सरसों की खरीद एमएसपी पर नहीं हो रही है, और ना धान की खरीदी एमएसपी पर की जा रही है. थोथा चना, बाजे घणा."
"हरियाणा के लिए निराशाजनक बजट" : वहीं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनता की अपेक्षाओं के विपरीत बताया है. उन्होंने कहा कि "₹2.23 लाख करोड़ का ये बजट प्रदेश के किसानों, युवाओं, कर्मचारियों, मध्यम वर्ग और कमजोर वर्गों की मूल समस्याओं के समाधान में पूरी तरह असफल रहा है. राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत, फसलों के लाभकारी मूल्य और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया. राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसान समुदाय को इस बजट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें एक बार फिर निराशा ही हाथ लगी है. नहरों के विस्तार और सिंचाई ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए भी पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया है. युवाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी के बावजूद स्थायी रोजगार सृजन का कोई स्पष्ट रोडमैप बजट में नजर नहीं आता. बड़े दावों के बावजूद स्थायी सरकारी नौकरियों की बजाय संविदा आधारित और अस्थायी पदों पर जोर दिया जा रहा है, जो युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि “ना विकास की स्पष्ट दिशा है और ना ही राहत की ठोस व्यवस्था. ये बजट हरियाणा के लिए अत्यंत निराशाजनक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी."
"मन चंगा तो कठौती में गंगा" : वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि "बजट निकला बस ख़ाली स्थान, जुमलों की कहानियां, तरक्की का नहीं नामोनिशान, 3 घंटे भाषण की बड़बोली दुकान, फीके पकवान !, इसे कहते हैं…खोदा पहाड़, निकली चुहिया ! संत रविदास जी ने कहा था कि झूठ के अंधेरों में सच का दिया जलाया, उन्होंने कहा है मन को छल कपट से दूर रखो, पर आज बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री का मन का भाव छल कपट और हरियाणा के लोगों के साथ धोखे का था.रविदास जी ने कहा है - मन चंगा तो कठौती में गंगा. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब में चुनाव के मद्देनजर दिखावे का पहनावा दिखाया. संत रविदास जी ने कहा है कि काया कोरा कपड़ा, जब लग मैला न होय. कर्म बिना जो राखिए, पावै सम्मान न कोय. यानी जैसे साफ कपड़ा तब तक कीमती रहता है जब तक वह गंदा न हो, वैसे ही बिना कर्म के कोई सम्मान नहीं पा सकता. इसलिए कर्म करिए, दिखावे और आडम्बर से बचिए, गुरुओं की वाणी बोलिए लेकिन उसे अपने दिनचर्या और हरियाणा की बेहतरी में भी लाइए. अंत में एक दिशाहीन, दृष्टिहीन और उद्देश्य विहीन बजट !."
हरियाणा बजट 2026-27 🅾️🅾️🅾️🅾️🅾️🅾️
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) March 2, 2026
बजट निकला बस ख़ाली स्थान………………………,
जुमलों की कहानियाँ, तरक्की का नहीं नामोनिशान,
3 घंटे भाषण की बड़बोली दुकान, फीके पकवान !
इसे कहते हैं… खोदा पहाड़, निकली चुहिया !
भाजपा सरकार के बंटाधार बजट की असलियत👇
1. क़र्ज़े की दुकान ….…
"नाम बड़े और दर्शन छोटे" : इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए बजट को केवल मात्र आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि प्रदेश का कुल बजट 2 लाख 23 हजार 658 करोड़ रूपए रखा गया है जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले 18 हजार करोड़ रूपए बढ़ाया गया है जबकि कर्ज में जो प्रस्तावित बढ़ोतरी है वो 40 हजार करोड़ रूपए है. इस वर्ष कर्ज की राशि लगभग 4 लाख 30 हजार करोड़ रूपए पार कर जाएगी. बीजेपी सरकार पिछले ग्यारह सालों से प्रदेश के उपर लगातार भारी कर्ज बढ़ाती जा रही है. आज स्थिति ये हो गई है कि प्रदेश में पैदा होने वाला हर बच्चा अपने सिर पर लगभग सवा लाख रूपए से अधिक का कर्ज लेकर पैदा होता है. सरकार प्रदेश के उपर चढ़े कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करे. कुल बजट की लगभग 30 प्रतिशत राशि जो कि भारी भरकम 65,670 करोड़ रूपए बनती है वो कर्ज और ब्याज अदायगी में चली जाएगी. इसके अलावा कुल बजट से अगर कर्मचारियों की वेतन तथा पेंशन का खर्च निकाल दें तो नाम मात्र धनराशि प्रदेश के विकास कार्यों के लिए बचेगी. उन्होंने कहा कि बजट में बड़ी बड़ी डींगे हांकी गई हैं. एक ट्रिलियन जीडीपी का आंकड़ा हासिल करने की बात करना प्रदेश के लोगों की आंखों में धूल झोंकना है. जिन मदों में बढ़ोतरी की गई है वो उंट के मुंह में जीरे के समान है. हर साल एसवाईएल का बजट भी रखा जाता था लेकिन इस बार पंजाब के चुनावों को देखते हुए उसे भी खत्म कर दिया गया है. इसे हरियाणा के लोग भूलेंगे नहीं क्योंकि एसवाईएल हरियाणा के लोगों की जीवन रेखा है. कुल मिला कर यह बजट दिखावे मात्र का बजट है जिसके नाम बड़े और दर्शन छोटे हैं.
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