हरियाणा में बारिश के बाद अब मानसून पड़ा सुस्त, अगले 4-5 दिन कम होगी बारिश, आज 6 जिलों में बूंदाबांदी के आसार
हरियाणा में अगले चार-पांच दिन मानसून कमजोर रहेगा. वहीं, आज छह जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.

Published : August 26, 2026 at 9:52 AM IST
चंडीगढ़: हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से बारिश के बाद अब मानसून की सक्रियता कम होने के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां धीमी रह सकती हैं.
हिमालय की ओर खिसकेगी मानसून ट्रफ: मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ की उत्तरी सीमा जम्मू, देहरादून, शाहजहांपुर, वाराणसी और दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. उत्तरी हरियाणा के ऊपर साइक्लोनिक सरकुलेशन मौजूद है, लेकिन मानसून ट्रफ के धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने की संभावना है. इससे प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ सकता है.
गुरुग्राम में बारिश से बिगड़े हालात: वहीं, पिछले दो दिनों में गुरुग्राम में रुक-रुककर हुई बारिश ने कई जगह प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. दिल्ली-जयपुर हाईवे के पास इफको चौक की सर्विस लेन धंस गई. वहीं, सोमवार को जलभराव में स्कूल बसों के फंसने के वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है. ट्रैफिक पुलिस की ओर से स्कूल बसों के लिए रियल-टाइम रूट अपडेट देने की तैयारी है. जलभराव वाले स्कूल रूटों पर जल निकासी को प्राथमिकता दी जाएगी. जरूरत पड़ने पर हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
छह जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार: इधर, मौसम विभाग ने आज यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना जताई है. वहीं, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और भिवानी में मौसम शुष्क और परिवर्तनशील रहने की संभावना है.
Observed #Maximum #Temperature over #Punjab, #Haryana & #Chandigarh dated 25-08-26 pic.twitter.com/T7aM8uMRS1
— IMD Chandigarh (@IMD_Chandigarh) August 25, 2026
किसानों को सिंचाई रोकने की सलाह: मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है. किसानों को अगले 3-4 दिनों तक फसलों में सिंचाई और रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में अनावश्यक पानी देने से नुकसान हो सकता है. कृषि मौसम वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान मौसम पर नजर रखते हुए ही खेतों में सिंचाई या दवा का छिड़काव करें.
कपास-धान में कीटों का खतरा: मौसम में नमी और उमस अधिक रहने से कपास में सफेद मक्खी व चेपा तथा धान में जड़ सुंडी का प्रकोप बढ़ सकता है. किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा उमस भरे मौसम में पशु और पोल्ट्री शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है, ताकि पशुओं और पक्षियों को परेशानी न हो.

