क्या है हरियाणा सरकार की वेतन बढ़ोतरी पॉलिसी? मजदूरों के आंदोलन से क्या है इसका कनेक्शन?
हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में करीब 35% बढ़ोतरी का ऐलान किया है, लेकिन अब इसका असर दूसरे राज्यों में दिख रहा है.

Published : April 14, 2026 at 9:58 AM IST
चंडीगढ़: देशभर में मजदूरों की सैलरी, सुविधाओं और 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा पहले से ही चल रही थी. इसी बीच हरियाणा सरकार ने 1 अप्रैल को न्यूनतम वेतन बढ़ाने का ऐलान कर दिया और 11 अप्रैल से इसे लागू भी कर दिया. जिसके तहत मजदूरों के वेतन में करीब 35 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन अब ये फैसला दूसरे राज्यों में काम कर रहे मजदूरों के बीच तुलना का कारण बन गया है. कई जगह ये मांग उठने लगी है कि जब हरियाणा में वेतन बढ़ सकता है, तो दूसरे राज्यों में क्यों नहीं? यही वजह है कि ये मुद्दा अब धीरे-धीरे आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है.
अलग-अलग श्रेणियों में कितना बढ़ा वेतन: सरकार की अधिसूचना के मुताबिक अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,274 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया गया है, यानी करीब 3,946 रुपये की बढ़ोतरी. वहीं अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़ाकर 16,780 रुपये किया गया है. कुशल श्रमिकों के वेतन में 4,796 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे उनका वेतन करीब 18,500 रुपये पहुंच गया है. इसके अलावा हाई स्किल्ड श्रमिकों का वेतन 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425 रुपये कर दिया गया है, जिसमें 5,036 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है. सरकार का कहना है कि ये बढ़ोतरी सीधे मजदूरों को अगली सैलरी में मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
हरियाणा में श्रमिकों को बड़ा तोहफा!
— DPR Haryana (@DiprHaryana) April 9, 2026
राज्य सरकार ने श्रमिकों को दिए जाने वाले न्यूनतम वेतन की दरों में वृद्धि करके एक तोहफा दिया है और यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।
प्रदेश में सभी श्रेणी के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में करीब 35% बढ़ोतरी की गई है।
अकुशल: ₹11,274…
नोएडा में उग्र हुआ मजदूरों का प्रदर्शन: माना जा रहा है कि हरियाणा के इस फैसले का असर अब नोएडा में साफ दिखाई दे रहा है. फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में मजदूर अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए. सोमवार को ये प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जब अलग-अलग कंपनियों के बाहर कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया. खासतौर पर मदरसन कंपनी के बाहर हालात बिगड़ गए, जहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और कई वाहनों में आग लगा दी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. मजदूरों का कहना है कि जब हरियाणा में वेतन बढ़ सकता है तो नोएडा में क्यों नहीं?

फरीदाबाद में सड़कों पर उतरे कर्मचारी: फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी में कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आया. लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी ना होने के कारण हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच उनकी आय स्थिर बनी हुई है, जिससे उनका गुजारा मुश्किल हो रहा है. कई बार प्रबंधन से बातचीत के प्रयास भी किए गए, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया.

गुरुग्राम में भी दिख चुका है इसका असर: इससे पहले गुरुग्राम में भी मजदूरों का गुस्सा सामने आ चुका है. यहां कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं की थीं. कुछ प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम का इस्तेमाल करने की योजना भी बनाई थी, हालांकि ये कोशिश सफल नहीं हो पाई. इन घटनाओं ने ये साफ कर दिया है कि मजदूरों में असंतोष बढ़ रहा है और वेतन को लेकर अब मामला सिर्फ मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई जगह ये कानून-व्यवस्था की चुनौती बनता जा रहा है.

