हरियाणा की मंडियों में सर्वर ठप, यमुनानगर-सिरसा में किसानों का हंगामा, सड़क जाम कर किया जमकर प्रदर्शन
हरियाणा की यमुनानगर और सिरसा मंडियों में सर्वर ठप होने से खरीद रुक गई. वहीं, किसानों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

Published : April 13, 2026 at 5:08 PM IST
यमुनानगर/सिरसा: हरियाणा के यमुनानगर जिले की जगाधरी अनाज मंडी में सोमवार सुबह उस वक्त हालात बेकाबू हो गए जब गेट पास सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया. सुबह 5 बजे से ही सैकड़ों किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच गए थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका. गेट पास जारी न होने से नाराज किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क किनारे खड़ी कर दीं और खुद सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह प्रदर्शन जाम में बदल गया और मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
तकनीकी खामी से ठप हुई खरीदी: मंडी में सर्वर डाउन होने के कारण पूरी फसल खरीद प्रक्रिया रुक गई. किसान न तो अपनी फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर पा रहे थे और न ही गेट पास प्राप्त कर पा रहे थे. बिना गेट पास के मंडी में एंट्री संभव नहीं होने के कारण किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर रहे. इस अव्यवस्था ने मंडी में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया, जिससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया.
किसान नेताओं ने लगाए प्रशासन पर आरोप: प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और इसे लापरवाही का नतीजा बताया. किसान नेता मनदीप सिंह ने कहा कि, "सुबह से वेबसाइट बंद पड़ी है, जिसके कारण न तो फसल का डेटा अपलोड हो पा रहा है और न ही गेट पास जारी हो रहे हैं. बिना गेट पास के मंडी में एंट्री संभव नहीं और बिना डेटा के फसल की खरीद नहीं हो सकती. ऐसे में किसान अपनी ही उपज बेचने के लिए भटक रहे हैं."
जाम से आम जनता परेशान: किसानों के प्रदर्शन के चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और राहगीर घंटों तक सड़क पर फंसे रहे. स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, जो लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता रहा. हालांकि, लंबे समय तक कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया.
सिरसा में भी मंडियों का हाल बेहाल: यमुनानगर की तरह सिरसा जिले में भी हालात देखने को मिली, जहां सर्वर ठप होने के कारण अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हुई. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं हो पाने से किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें मंडियों के बाहर लग गईं. किसान घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते कोई समाधान नहीं निकल सका.

प्रशासन ने दिए ऑफलाइन व्यवस्था के निर्देश: मामले की जानकारी के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मार्केट कमेटी के अधिकारियों को तुरंत ऑफलाइन गेट पास जारी करने के निर्देश दिए. इसके बाद कर्मचारियों ने मैन्युअल तरीके से गेट पास जारी करना शुरू किया, जिससे कुछ हद तक स्थिति को संभालने की कोशिश की गई. हालांकि, किसानों का कहना है कि यह अस्थायी समाधान है और स्थायी व्यवस्था की जरूरत है.
किसान संगठनों ने जताई नाराजगी: वहीं, भारतीय किसान एकता के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, "सरकार को पहले से ही मंडियों में तकनीकी व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए थी. बार-बार सर्वर ठप होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है." वहीं, किसान सुभाष झोरड़ ने कहा कि, "किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आता है लेकिन घंटों लाइन में खड़ा रहने के बाद भी उसकी फसल नहीं बिक पाती. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है."
किसानों की चेतावनी: किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सर्वर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. किसानों का कहना है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए और सरकार को तुरंत मजबूत डिजिटल व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
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