हरियाणा में कोहरा और शीतलहर का फसलों पर असर, आलू को नुकसान तो गेहूं-सरसों-सूरजमुखी के लिए वरदान बना मौसम
हरियाणा में लगातार कोहरे और शीतलहर कई फसलों के लिए वरदान बनी है. जबकि कुछ फसलों को इससे नुकसान है.

Published : January 8, 2026 at 10:50 AM IST
अंबाला: हरियाणा के किसानों के लिए सर्दी का मौसम मिलाजुला लाभ लेकर आया है. लगातार पड़ रहे घने कोहरे और चल रही शीतलहर से गेहूं, सरसों और सूरजमुखी की फसलों को फायदा होगा, जबकि आलू की फसल को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि अगर इस मौसम में हल्की बारिश हो जाए, तो यह उनके लिए सोने पर सुहागा साबित होगा.
आलू की फसल को खतरा: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आलू की फसल को ज्यादा कोहरा और धुंध नुकसान पहुंचा सकते हैं. आलू की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और सुखने के कारण आलू जमीन के अंदर सड़ने का खतरा बढ़ जाता है.आलू की फसल बिजाई के बाद कम पानी की मांग करती है, लेकिन धुंध और शीतलहर के प्रभाव से इसका संतुलन बिगड़ जाता है. इसी तरह चारे की फसल पर भी अत्यधिक ठंड का नकारात्मक असर पड़ सकता है.
गेहूं, सरसों और सूरजमुखी के लिए लाभकारी मौसम: किसानों की मानें तो गेहूं, सरसों और सूरजमुखी की फसल इस मौसम में अच्छी होती है. धुंध और कोहरे की वजह से इन फसलों को पर्याप्त नमी मिलती है, जिससे पौधे लहलाने लगते हैं और विकास में तेजी आती है. शीतलहर गेहूं और सूरजमुखी के लिए लाभदायक है, लेकिन आलू की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है.
जानें क्या बोले किसान: इस बारे में किसान प्रदीप सिंह ने कहा कि, “लगातार पड़ रहे घने कोहरे और धुंध का असर आलू की फसल पर ज्यादा पड़ रहा है. इससे आलू के पत्ते पीले पड़ने लगते हैं और सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. गेहूं और सरसों की फसल को जरूर फायदा हो रहा है.” वहीं, किसान मालकित सिंह ने कहा कि, “शीतलहर गेहूं और सूरजमुखी के लिए फायदेमंद है, लेकिन ज्यादा घना कोहरा आलू की फसल को नुकसान पहुंचाता है. धुंध से आलू के पत्ते सूख जाते हैं, जिससे किसानों को घाटा होता है.
कृषि विभाग की सलाह और दिशा-निर्देश: वहीं, इस बारे में कृषि विभाग की एसडीओ अंजलि ने कहा कि, "किसानों ने गेहूं, सरसों और आलू की बिजाई कर रखी है, जबकि सूरजमुखी की बुवाई बाद में की जाती है. गेहूं की फसल में अब पानी लगाने का समय है, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. आलू की फसल जमीन के नीचे होने के कारण कोहरे से पत्ते पीले पड़ जाते हैं और सुख जाते हैं, जिससे नुकसान होता है. किसानों से समय-समय पर फसल की देखभाल और विभाग द्वारा दी जाने वाली हिदायतों का पालन करना चाहिए."
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