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हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल- किसान बोले- "डील विरोध नहीं, किसानों के भविष्य की लडा़ई है आंदोलन"

करनला में किसानों ने ट्रेड डील के विरोध में बड़ा फैसला लिया है. किसान 23-25 फरवरी तक सीएम आवास पर महापड़ाव की तैयारी में है.

हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल
हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 13, 2026 at 12:52 PM IST

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Updated : February 13, 2026 at 1:42 PM IST

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करनाल: हरियाणा के करनाल में ट्रेल डील के विरोध में किसान एकजुट हो गए हैं. किसानों ने 23-25 फरवरी तक कुरुक्षेत्र में सीएम आवास पर तीन दिवसीय पड़ाव का ऐलान कर दिया है. दरअसल, डेरा कार सेवा में किसान संगठनों की अहम बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. भारत-अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील के विरोध में किसान अब खुलकर मैदान में उतरने वाले हैं. बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि 23-25 फरवरी तक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के कुरुक्षेत्र स्थित आवास पर किसान, मजदूर और कर्मचारी मिलकर दिन-रात पड़ाव डालेंगे.

"किसानों के लिए घाटे का सौदा": किसान नेताओं का कहना है कि "यह आंदोलन सिर्फ एक डील का विरोध नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य की लड़ाई है. उनका मानना है कि इस समझौते से देश के छोटे और मध्यम किसानों के हितों को गंभीर चोट पहुंचेगी. नेताओं ने कहा कि अमेरिका में हजारों एकड़ के बड़े कॉर्पोरेट फार्म होते हैं, जहां कंपनियां खेती करती हैं, जबकि भारत में अधिकतर किसान छोटे जोत वाले हैं. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है".

हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल
हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल (Etv Bharat)

बुढ़ापा पेंशन का भी उठाया मुद्दा: किसानों की बैठक में यह भी तय हुआ कि आंदोलन के दौरान हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा. किसान संगठनों का कहना है कि "सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसलिए इस पड़ाव में सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि मजदूर वर्ग और कर्मचारी संगठनों की भी भागीदारी रहेगी. वहीं, तीन दिन तक दिन-रात शांतिपूर्ण तरीके से पड़ाव जारी रहेगा. अपनी मांगों को मजबूती से सरकार तक पहुंचाया जाएगा. देशभर में इस ट्रेड डील को लेकर किसानों में असंतोष है. अब यह आवाज सड़कों से लेकर सत्ता के दरवाजों तक पहुंचाई जाएगी".

ट्रेड डील के खिलाफ किसानों की रणनीति (Etv Bharat)

"ट्रेड डील को लेकर गुस्साए किसान": किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि "यह डील भारत के किसानों के लिए घाटे का सौदा है. इसे लेकर देशभर में रोष है. छोटे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मार झेलनी पड़ेगी. इसलिए किसान संगठनों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है. किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों की साझा आवाज को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता. कुरुक्षेत्र का पड़ाव सरकार को यह संदेश देगा कि ग्रामीण और मेहनतकश वर्ग अपने अधिकारों के लिए एकजुट है".

हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल
हरियाणा में ट्रेड डील के खिलाफ हल्ला बोल (Etv Bharat)

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Last Updated : February 13, 2026 at 1:42 PM IST