हरियाणा में कड़ाके की ठंड, नूंह में फसल सुरक्षा को लेकर कृषि विभाग ने दिए किसानों को खास टिप्स
मेवात के किसानों को कृषि विशेषज्ञों ने ठंड, कोहरा और पाले से फसल बचाने के लिए खास टिप्स दिए हैं.

Published : January 6, 2026 at 12:44 PM IST
नूंह: हरियाणा में कड़ाके की ठंड के बीच फसल की सुरक्षा करना बड़ी चुनौती बनी हुई है. इस बीच नूंह जिले के कृषि उपनिदेशक वीरेंद्र देव आर्य ने किसानों को खास टिप्स दिए हैं. कृषि उपनिदेशक वीरेंद्र देव आर्य ने बताया कि, "मुख्य फसल गेहूं और सरसों की होती है. गेहूं की फसल के लिए अधिक ठंड लाभदायक है. गेहूं को यह मौसम फर्टिलाइजर की तरह ही फायदा पहुंचाता है और इसके विकास में सकारात्मक असर डालता है."
सरसों की फसल में नुकसान की संभावना:कृषि उपनिदेशक वीरेंद्र देव आर्य ने आगे कहा कि, "जहां गेहूं के लिए ठंड फायदेमंद है, वहीं सरसों की फसल में अधिक ठंड से कुछ नुकसान हो सकता है. इस स्थिति में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. शाम के समय सरसों की फसल में हल्की सिंचाई करें. इसके अलावा हल्का धुआं देना भी सरसों की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है."
सब्जी फसलों की सुरक्षा के उपाय: वीरेंद्र देव आर्य ने कहा कि, "नूंह जिले के कई गांवों में सब्जी की खेती होती है. ठंड और कोहरे में सब्जी की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग की सलाह है कि शाम 7-8 बजे के बाद हल्का पानी दें. इसके साथ ही हल्का धुआं भी फसलों की सुरक्षा में मदद करता है. अत्यधिक ठंड की स्थिति में फसलों को बचाने के लिए किसानों को दवाइयों का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है. इससे सब्जी की फसलों को ठंड और पाले से पहले से सुरक्षित किया जा सकता है."
नूंह जिले में उत्पादन और सलाह: नूंह जिला हरियाणा में सरसों उत्पादन में आगे है. ऐसे में आने वाले दिनों में अगर कड़ाके की ठंड और घना कोहरा रहे, तो किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष एहतियात बरतने की आवश्यकता है.समय-समय पर कृषि विभाग के अधिकारियों से सलाह लेकर वे अपने फसल की रक्षा कर सकते हैं.
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