हरियाणा में जल्द बन सकती है एंटी टेररिज्म सेल, आतंकी गतिविधियों का करेगी पर्दाफाश
Haryana DGP on Anti Terrorism Cell: हरियाणा डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि "सूबे में जल्द एंटी टेररिज्म सेल का गठन हो सकता है."

Published : November 20, 2025 at 7:49 AM IST
चंडीगढ़: हरियाणा जल्द ही एक डेडिकेटेड एंटी-टेररिज्म सेल बना सकता है, जो एक स्पेशल यूनिट होगी. ये आतंकवादी खतरों और गतिविधियों को रोकने, जांच करने और उनका जवाब देने के लिए ज़िम्मेदार होगी. सरकार इसे बनाने पर विचार कर रही है और मंजूरी मिलने पर स्पेशल यूनिट कुछ दूसरे राज्यों की तरह बनाई जाएगी.
हरियाणा में जल्द बनेगी एंटी टेररिज्म सेल: इस बारे में पूछे जाने पर, हरियाणा के पुलिस डायरेक्टर जनरल ओपी सिंह ने बुधवार को कहा कि "इस बारे में बातचीत एडवांस लेवल पर है". उन्होंने कहा कि राज्य के नेशनल कैपिटल रीजन में एंटी-टेररिज्म सिस्टम को और मजबूत किया गया है, एक हफ़्ते से ज़्यादा समय बाद जब एक "व्हाइट कॉलर" टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था, जिसमें ज्यादातर फरीदाबाद से विस्फोटक बरामद हुए थे."
जन-सुरक्षा एक कभी न थमने वाला काम है।
— OP Singh, DGP, Haryana (@opsinghips) November 17, 2025
ऊपर से ये ऑक्सीजन की तरह है। थोड़ा भी कम होने पर दम घुटने लगता है।
खतरा हर तरफ़ से है। सनकी और चालक लोग शिकार में लगे रहते हैं। अपराध तंत्र भी उनको नाथने में लगा रहता है। वो कभी पहले धरे जाते हैं, कभी बाद में।
आतंकवाद एक अलग ही लेवल का… pic.twitter.com/lg7E2g2ivA
यूनिट में 150 सुरक्षा अधिकारी होंगे शामिल: डीजीपी ने कहा कि "खास तौर पर हरियाणा के NCR इलाके के लिए एक यूनिट बनाई जाएगी जो इंटेलिजेंस इकट्ठा करेगी, जांच करेगी और आतंकवादी गतिविधियों के संदिग्ध लोगों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चलाएगी. इस खास यूनिट में करीब 150 सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे. ये यूनिट, एक सीनियर अधिकारी के अंडर काम करेगी, साइबर और पब्लिक स्पेस को स्कैन करेगी और ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इनपुट के ज़रिए किसी भी आतंकवादी गतिविधि के किसी भी संकेत का पता लगाने और उस पर तुरंत कार्रवाई करने पर नजर रखेगी."
दिल्ली और यूपी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हरियाणा के डीजीपी: हरियाणा के DGP ने हाल ही में फरीदाबाद में एंटी-टेररिज्म ऑपरेशन में लगे सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी.
मैंने ADIG/CID के साथ अल फलाल यूनिवर्सिटी में आज सवेरे चार घंटे लगाये।
— OP Singh, DGP, Haryana (@opsinghips) November 18, 2025
वहाँ के सुरक्षाकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारी, फैकल्टी, छात्रों, पास के गाँव वालों एवं मस्जिद के मौलवी के परिवार से बात की। आतंकियों के ठिकानों का मुआईना किया।
बाद में डीसी एवं सीपी से संयुक्त बैठक की और… pic.twitter.com/5PX2ufRyT3
अल फलाह यूनिवर्सिटी का कर चुके दौरा: बता दें कि मंगलवार को, DGP ने फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी का दौरा किया और टॉप अधिकारियों को सुरक्षा में हुई चूक की जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा की इस चूक के चलते कुछ डॉक्टर एक "व्हाइट-कॉलर" आतंकवादी मॉड्यूल में शामिल हो गए और उन्होंने इंस्टीट्यूट को अपना ठिकाना बना लिया. फरीदाबाद के धौज में यूनिवर्सिटी "व्हाइट-कॉलर" टेरर मॉड्यूल के पकड़े जाने और 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद जांच के दायरे में आ गई है.
दिल्ली ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत: लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में 15 लोग मारे गए हैं, और यूनिवर्सिटी और कश्मीर से जुड़े कई डॉक्टरों की भूमिका जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है. दिल्ली ब्लास्ट तब हुआ, जब अधिकारियों ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया. जांच में फरीदाबाद में किराए के दो कमरों से लगभग 2,900 kg विस्फोटक सामग्री जब्त की गई, और अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों सहित कई लोगों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया गया.

