हरियाणा की शहरों में लौटा पुराना ट्रेंड...अंगीठी की गर्माहट में लोग ले रहे सर्दियों का मजा, बाजार में आई अलग-अलग डिजाइन की अंगीठियां
हरियाणा में बढ़ती ठंड में लोग अंगीठी का सहारा ले रहे हैं. इस बीच बाजार में अलग-अलग डिजाइन की अंगीठी आई है.

Published : January 7, 2026 at 12:52 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 2:01 PM IST
पंचकूला: हरियाणा समेत समूचे उत्तर भारत में इन दिनों शीतलहर का कहर जारी है. बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक ठंड से बचाव के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. इस बीच लोग समूह में बैठ कर अंगीठी जलाकर ठंड से राहत पा रहे हैं. अधिकतर लोगों के घरों में अंगीठी का इस्तेमाल इन दिनों हो रहा है. लोग ठंड से बचाव को लेकर अंगीठी का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में बाजारों में भी डिजाइनर और पारंपरिक अंगीठी अलग-अलग डिजाइन की बिकने लगी है.
हर घर में अंगीठी ने बनाई अपनी जगह: यूं तो समूचे हरियाणा में लोग ठंड से बचाव के लिए अंगीठी की तपिश से स्वयं को बचाते हैं. लेकिन अब अंगीठी ने पंचकूला और चंडीगढ़ जैसे शहरों के आलीशान फ्लैट्स में अपनी जगह बना ली है. भले ही शहरों में लोग इलेक्ट्रिक उपकरणों का खूब इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे अंगीठी का ट्रेंड कम नहीं हुआ है. बाजारों में अलग-अलग तरह की आकर्षक अंगीठी बिक रही है. लोग अपनी-अपनी पसंद और उपलब्धता से लकड़ी, कोयला और उपलों का इस्तेमाल कर इसे सामूहिक तौर पर इस्तेमाल करते हैं. अक्सर लोग ठंड में सामूहिक तौर पर खुले में बैठकर गपशप करते हुए अंगीठी की तपिश का लुत्फ उठाते हैं. ऐसा नजारा पहले गांवों में देखने को मिलता था. हालांकि अब शहरों में भी यह नजारा देखने को मिल रहा है.

बाजार में आई अलग-अलग डिजाइन की अंगीठियां : बढ़ती ठंड के बीच ईटीवी भारत की टीम पंचकूला के दुकानों में गई, जहां अलग- अलग डिजाइन की अंगीठियां बिकती नजर आई. दुकान पर ग्राहक भी नजर आए. ईटीवी भारत के संवाददाता ने सेक्टर 14 के मिट्टी के बर्तन विक्रेता अनिल से बातचीत की. अनिल ने बताया कि, "मैं पंचकूला में बीते बीस साल से मिट्टी के बर्तनों की बिक्री कर रहा हूं. अंगीठी की बिक्री सर्द मौसम पर निर्भर करती है. यदि लगातार ठंड पड़े तो अंगीठी की बिक्री भी तेजी से बढ़ती है. इस बार बीते एक सप्ताह में महज चार-पाँच अंगीठी की बिक्री हो सकी हैं. हो सकता है आने वाले दिनों में और ठंड बढ़ेगी तो अंगीठी की बिक्री और बढ़ेगी."
जानें क्या बोले ग्राहक: वहीं, दुकान पर मिट्टी के बर्तन खरीदने पहुंचे ऋषि भारद्वाज ने कहा कि, "वर्तमान समय में लोगों का रूझान बैक टू पवेलियन हो रहा है. लोग वापस अंगीठी और मिट्टी के अन्य बर्तनों का इस्तेमाल करने लगे हैं, क्योंकि इनके इस्तेमाल से शरीर को औषधीय गुण तो मिलते ही हैं और खाद्य पदार्थों का स्वाद भी बढ़ता है. इन दिनों लोग अंगीठी जलाकर आग सेंकते हैं, ताकि ठंड से राहत मिले. इन दिनों मिट्टी के अंगीठी लोग ज्यादा घरों में इस्तेमाल कर रहे हैं."
सावधानी से करें अंगीठी का इस्तेमाल: हरियाणा-पंजाब और उत्तर प्रदेश से अक्सर अंगीठी से निकलने वाली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) चढ़ने से लोगों की मौत की घटनाएं भी सामने आती हैं. अंगीठी में कोयला जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पैदा होती है, जो काफी जहरीली होती है. विशेषज्ञों के अनुसार अंगीठी (स्टोव) के इस्तेमाल के लिए सावधानी रखना अत्यावश्यक है. अंगीठी का इस्तेमाल खुले स्थान पर किया जाना चाहिए न कि बंद कमरे में.
जानें क्या कहते हैं डॉक्टर: इस बारे में डॉक्टर गिरीश ने बताया कि, "अंगीठी या अन्य इस प्रकार के उपकरणों का इस्तेमाल वाली जगहों पर वेंटिलेशन होनी चाहिए. खुले स्थान सबसे अधिक उपयुक्त रहते हैं. दरअसल, अंगीठी में कोयला जलने से एक ओर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है तो दूसरी ओर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. अंगीठी से ठंड में बचाव तो होगा, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल वेंटिलेशन वाली जगह पर नहीं किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है. बंद कमरों में ठंड से बचाव के लिए अंगीठी की तपिश में लोग सो जाते हैं, जिस दौरान उससे निकलने वाली गैस चढ़ने से जान को खतरा हो सकता है."
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