पंचकूला में "प्रज्ञान 2026" का आगाज, नायब सैनी ने बोले- "AI नहीं ले सकता CA की जगह"
पंचकूला में प्रज्ञान 2026 सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सीए को अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ और एआई से श्रेष्ठ बताया.

Published : July 4, 2026 at 5:22 PM IST
पंचकूला: हरियाणा के मुख्यमंत्री शनिवार को पंचकूला सेक्टर 5 स्थित इंद्रधनुष आडिटोरियम में सीए छात्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन प्रज्ञान 2026 में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे. सीएम ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया. साथ ही सीएम ने इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेटस ऑफ इंडिया द्वारा पंचकूला में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस स्थापित करने के लिए 5 एकड़ भूमि की मांग पर सरकार द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया.
"सीए का बड़ा योगदान": इस दौरान सीएम ने कहा कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. आज देश में हर महीने रिकॉर्ड जीएसटी जुटाया जा रहा है, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रतीक है. इस टैक्स व्यवस्था को मजबूत बनाने में चार्टेड अकाउंटेंट्स (सीए) का बड़ा योगदान है."
सीए के हस्ताक्षर शक्तिशाली: मुख्यमंत्री ने सीए छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में सीए का योगदान महत्वपूर्ण है. विकसित भारत की जो आर्थिक इमारत खड़ी होगी, उसका नक्शा और ब्लूप्रिंट युवा साथी ही तैयार करेंगे।. नरेंद्र मोदी ने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में कहा था कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के हस्ताक्षर देश के प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर से भी ज्यादा शक्तिशाली होते हैं. यह उनकी कलम, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को दिया गया देश का सबसे बड़ा सम्मान है. सरकारें नीतियां, योजनाएं और कार्यक्रम बना सकती हैं लेकिन एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के हस्ताक्षर से पूरी अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा तय होती है."
"सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती": मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, "इस सम्मेलन का विषय प्रज्ञान यश का पथ हमें सिखाता है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की भावना से मिलती है. दुनिया के लिए सीए केवल दो अक्षर हो सकते हैं लेकिन सीए की पढ़ाई कोई साधारण कोर्स नहीं है. यह एक कठिन साधना और तपस्या है."
भरोसे की चाबी सीए के हाथ: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीए छात्रों से कहा कि, "आपके सामने आज जो चुनौतियां हैं, उनसे कहीं बड़ी जिम्मेदारी उनकी व्यावसायिक नैतिकता की है. जब वे डिग्री लेकर बाहर निकलेंगे तो उनके हाथों में देश के भरोसे की चाबी होगी. उनकी एक सही सलाह और एक ईमानदार रिपोर्ट देश के खजाने को भर सकती है, जिससे सीमा पर खड़े जवान के लिए अच्छे उपकरण आते हैं और देश के गरीब की थाली में राशन पहुंचता है. यह वह राज्य है जो देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान देता है. हरियाणा आज नए बिजनेस और स्टार्टअप्स का बड़ा हब बन रहा है. यहां व्यापार को और आसान बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और युवाओं के लिए अवसरों का एक पूरा आसमान खुला हुआ है."
एआई की चुनौती को सीएम ने बताया कम: मुख्यमंत्री ने कहा कि, "आज तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है, हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की चर्चा है. कुछ लोग डराते हैं कि एआई से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी. हम पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि कोई भी एआई, कोई भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक इंसान के विवेक, उसके अनुभव और उसकी निर्णय लेने की क्षमता का विकल्प कभी नहीं बन सकता. तकनीक काम को आसान बना सकती है, डेटा को जल्दी प्रोसेस कर सकती है लेकिन वह नैतिकता, ईमानदारी और मानवीय दृष्टिकोण का विकल्प नहीं हो सकती."
देशभर में 185 शाखाएं: इस अवसर पर चेयरमैन बोर्ड ऑफ स्टडीज सीए राजेश शर्मा ने बताया कि, "इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेटस ऑफ इंडिया की देशभर में 185 शाखाएं हैं. विश्व में 154 ओवरसीज चैप्टर और 31 प्रतिनिधि कार्यालय हैं. यह इंस्टीट्यूट 5.30 लाख सदस्यों और 12 लाख छात्रों के साथ विश्व की सबसे बडी अकाउंटिंग बॉडी है."
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