बजट सत्र में हाउसिंग बोर्ड के HSVP में विलय पर हंगामा, एक क्लिक में जानें कैसी रही पहले दिन की कार्यवाही
Haryana Budget Session 2026: बजट सत्र के पहले दिन हाउसिंग बोर्ड के HSVP में विलय के मुद्दे पर सदन में जमकर हंगामा हुआ.


Published : February 20, 2026 at 2:40 PM IST
चंडीगढ़: आज यानी शुक्रवार सुबह 11 बजे से हरियाणा विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हुई. पहली बार सत्र की शुरुआत राष्ट्र गीत वंदे मातरम से हुई. इसके बाद राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष का अभिभाषण हुआ. इस दौरान राज्यपाल ने हरियाणा की उपलब्धियां गिनाई. इसके बाद साढ़े 11 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित रही. जिसमें सात विधेयकों के संशोधन पर मुहर लगाई. ये विधेयक दिसंबर 2025 में पेश हुए थे, जिन्हें पारित किया गया था.
पहले दिन हाउसिंग बोर्ड के HSVP में विलय पर हंगामा: बजट सत्र के पहले दिन हाउसिंग बोर्ड के HSVP में विलय पर सदन में हंगामा हुआ. इस विधेयक पर रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने सवाल उठाए. बत्रा ने कहा कि हमें बताया नहीं गया इसमें क्या है. इस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि पोर्टल पर डाल दिया है. इसके बाद कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग रखी. झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने भी हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग का समर्थन किया.
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, सीएम ने दिया जवाब: इस मुद्दे पर भूपेंद्र हुड्डा ने सवाल पूछा कि ऐसा क्या फेलियर रहे, जो इसे भंग किया जा रहा है. इसके बार में स्पष्ट किया जाए. इस पर हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने जवाब दिया और कहा "बोर्ड को मर्ज किया गया है. इसमें स्टाफ का भी ध्यान रखा गया है. हाउसिंग फॉर ऑल और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का नेचर ऑफ वर्क एक जैसा है. हाउसिंग बोर्ड का काम इतना नहीं है. इसके किसी कर्मचारी को कोई दिक्कत नहीं है."
कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल पर आरोप का मुद्दा: कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा ने बरोदा से कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल के खिलाफ प्रस्ताव लगाया था. इस पर जवाब देने के लिए विशेषाधिकार समिति को समय दिया गया है. मोहलत अगले सेशन के पहले दिन तक बढ़ाई गई. इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने इंदूराज नरवाल का बचाव किया. उन्होंने कहा कि इस मामले में इंदूराज नरवाल मीडिया के सामने रेगरेट फील कर चुके हैं. इस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि मामला प्रिविलेज कमेटी के समक्ष पक्ष रखने का है.
बता दें कि कालका से भाजपा विधायक शक्ति रानी शर्मा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल ने उनके परिवार के खिलाफ सदन में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी.
राज्यपाल ने कई विधेयकों के संशोधन लगाई मुहर: इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल ने कई विधेयकों के संशोधन पर मुहर लगाई. इनमें हरियाणा माता मनसा देवी संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा माता शीतला देवी संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा श्री माता भीमेश्वरी देवी संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा नगर निगम संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा वित्त पंचायती राज संशोधन विधेयक 2025, हरियाणा आवास बोर्ड संशोधन विधेयक 2025 हैं. ये विधेयक दिसंबर 2025 में पेश हुए थे, जिन्हें पारित किया गया. इसकी जानकारी स्पीकर ने सदन को दी.
'देश को रेवेन्यू देने में हरियाणा का 5वां स्थान'- राज्यपाल: इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल का अभिभाषण हुआ. उन्होंने कहा "जीएसटी के माध्यम से देश को रेवेन्यू देने में हरियाणा का 5वां स्थान है. देश के जीएसटी कलेक्शन में हरियाणा का 7.34% योगदान है. हरियाणा में पारदर्शी सिस्टम को बनाते हुए 160 स्कीम का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है. विकसित भारत की तरह ही विकसित हरियाणा 2047 विजन पर काम किया जा रहा है.
'हरियाणा सरकार का 2047 तक विकास का विजन'- राज्यपाल: राज्यपाल असीम घोष ने अभिभाषण में कहा कि "राष्ट्रगान और वंदे मातरम पूरे देश को जोड़ते हैं. पिछले 10 वर्षों से हरियाणा सरकार जनहित और गुड गवर्नेंस के प्रति समर्पित है. 2047 तक राज्य का राजनीतिक ब्लूप्रिंट जारी किया गया है, जिसमें उद्योग, कृषि, रोजगार, नई तकनीक और सिंचाई पर जोर है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय योजना के सिद्धांतों के आधार पर, हरियाणा भारत को खुशहाल और विकसित राष्ट्र बनाने में अहम योगदान दे रहा है."
'हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन सबसे ज्यादा दी जा रही': राज्यपाल ने कहा कि, "हरियाणा देश में सबसे ज्यादा वृद्धावस्था पेंशन उपलब्ध करवा रहा है. इसे लेकर बुजुर्गों को किसी भी सरकारी दफ्तर में चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. पात्र लोगों को 60 की उम्र पूरी करते ही PPP के जरिए घर बैठे ही पेंशन उपलब्ध हो रही है."
'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा से किसानों को सशक्त सहारा': राज्यपाल असीम घोष ने अपने अभिभाषण में आगे कहा कि, "हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और सरकार किसानों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना से हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। साथ ही सम्मान निधि और फसल बीमा योजनाओं से भी किसानों को व्यापक आर्थिक सुरक्षा मिल रही है."
'गरीब बेटियों के विवाह में सरकार की 71 हजार की मदद': अभिभाषण के दौरान राज्यपाल असीम घोष ने कहा कि, "महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है. मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सरकार द्वारा 71 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है."
विपक्ष ने अभिभाषण पर क्या कहा? नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि "सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर मेज थपथपाई, अभिभाषण पर मेज नहीं थपथपाई जाती." उन्होंने तंज करते हुए कहा कि "हमारे राज्यपाल पढ़े लिखे हैं, लेकिन इस सरकार ने उन्हें लिखा पढ़ा बना दिया. जो उन्हें लिखकर दिया गया. वह पढ़ दिया गया. सत्ता पक्ष अपनी विफलताओं पर मेज थपथपा रहा था."
'अभिभाषण में 2047 के हरियाणा का विजन नहीं': वहीं कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण आने वाले वक्त में सरकार क्या करेगी उसका विजन होता है. यह राज्यपाल का अभिभाषण सिर्फ बड़े-बड़े शब्दों का था. इसमें 2047 के हरियाणा का कुछ भी विजन नहीं था. बातें बड़ी-बड़ी की हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. इस अभिभाषण में मजदूर, किसान, दुकानदार और महिलाओं के भविष्य के लिए कुछ नहीं बताया गया. इसमें कोई विजन दिखाई नहीं दिया."
क्या बोला सत्ता पक्ष? संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि "विपक्ष ने ना तो अभिभाषण को सुना है, ना समझा है. इन्होंने पिछले अभिभाषणों पर जो प्रतिक्रिया दी है. वही कॉपी पेस्ट की है. 2014 से 2026 तक इनका एक भी शब्द दाएं-बाएं नहीं मिलेगा. इसलिए बिना समझे, बिना जाने इसको फ्लॉप बता दिया, ऐसी ही प्रतिक्रिया इनकी बजट पर रहेगी. इनका कम यही है और वो ये कर भी रहे हैं."

