ETV Bharat / state

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, बंद रहेंगे सभी मंदिर, हरिद्वार में रात 8 बजे होगी गंगा आरती

आज साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण है. जिसके चलते हरिद्वार संध्याकालीन गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया है.

HARKI PAURI GANGA ARTI
हरिद्वार का हरकी पैड़ी (फाइल फोटो- ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 2, 2026 at 8:36 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हरिद्वार: 3 मार्च यानी मंगलवार को साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण है. चंद्रग्रहण के चलते हरकी पैड़ी पर संध्याकालीन गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया है. चंद्रग्रहण के सूतक के चलते सुबह 6:20 बजे सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गये हैं. संध्याकालीन गंगा आरती रात 8 बजे की जाएगी.

श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया आज चंद्रग्रहण है. सुबह हरकी पैड़ी के सभी मंदिरों के कपाट सूतक काल लगने के कारण सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर बंद कर दिए गये हैं. ग्रहण का शाम 6:47 बजे पर खत्म होगा. जिसके बाद मंदिरों और घाटों की सफाई की जाएगी.

जानकारी देते श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ (वीडियो सोर्स- Tanmay Vashishtha)

रात 8 बजे होगी गंगा आरती: ऐसे में संध्याकालीन गंगा आरती जो हर शाम 6 बजकर 20 मिनट पर आयोजित की जाती है, उसे चंद्रग्रहण का प्रभाव खत्म होने के बाद रात 8 बजे आयोजित की जाएगी. यानी 3 मार्च शाम को 6:20 बजे गंगा आरती नहीं होगी. बल्कि, रात 8:00 बजे गंगा आरती की जाएगी.

LUNAR ECLIPSE 2026
क्यों लगता है चंद्रग्रहण? (फोटो सोर्स- NASA)

उससे पहले हरकी पैड़ी के गंगा घाटों की साफ सफाई का काम किया जाएगा. तन्मय वशिष्ठ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा आरती में भाग लेने वाले श्रद्धालु समय को देख कर ही आएं. रात 8 बजे के अनुसार गंगा आरती में भाग लेने के लिए हरकी पैड़ी पहुंचे.

"चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक लग जाएगा. मंगवार सुबह 9:17 बजे से सूतक लग जाएगा. इस बीच कोई शुभ कार्य नहीं होंगे. इसलिए सूतक लगने से पहले ही सभी मंदिरों के कपाट भी बंद हो जाएंगे. कपाट खुलने के बाद मंदिरों में विधि विधान से पूजा होगी. चंद्रग्रहण के कारण ही एक दिन पहले सोमवार को होलिका दहन किया गया. फाग उत्सव 4 मार्च को ही मनाया जाएगा."- पंडित मनोज त्रिपाठी, मुख्य पुजारी, नारायणी शिला मंदिर

ग्रहण लगने पर क्या करें और क्या न करें? पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पहले से बना हुआ भोजन भी ग्रहण के समय त्याग देना उचित माना जाता है. मंदिरों के कपाट ग्रहण के दौरान बंद रहते हैं, इसलिए इस समय पूजा पाठ या मूर्ति स्पर्श नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और तेज धार वाली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस समय जप तप और ईश्वर का ध्यान करना शुभ माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान किए बिना भोजन या अन्य कार्य शुरू नहीं करना चाहिए. ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस बार चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 से शुरू होकर शाम 6:57 तक रहेगा. जो भारत में भी नजर आएगा.

ये भी पढ़ें-

होली पर चंद्रग्रहण, कहां दिखेगा, कब करें पूजा पाठ, क्या है सूतक काल, एक क्लिक कर जानिए

3 मार्च को होने वाला है साल का पहला चंद्रग्रहण, जानिए कब और कैसे देख पाएंगे?

साल 2026 में लगेंगे 4 बड़े ग्रहण, क्या होगा आपकी राशि पर असर, जानिए भारत में कब दिखेगा...