कौन है हरिपुरधार बस हादसे का जिम्मेदार, मातम में बदली माघी के त्यौहार की खुशियां
माघी त्यौहार मनाने के लिए लोग घर जा रहे थे और इसकी तैयारियां चल रही थी, लेकिन हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया.


By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 7:31 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 9:13 AM IST
सिरमौर: जिला सिरमौर के हरिपुरधार के समीप शुक्रवार को हुआ भीषण निजी बस हादसा मानवीय लापरवाही और व्यवस्था की खामियों की एक दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आया है. जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई मृतकों व घायलों की सूची पर नजर दौड़ाएं, तो हादसे के वक्त (37+ 2) 39 सीटर इस बस में करीब 66 यात्री सवार थे. हालांकि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क पर जमे पाले के कारण बस का स्किड होना बताया जा रहा है, लेकिन इसमें भी कोई दोराय नहीं है कि दुर्घटनाग्रस्त बस क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थी.
अब सवाल ये है कि इस बस हादसे का जिम्मेदार कौन है. क्षमता से अधिक सवारियां भरना, सड़क पर जमा हुआ कोहरा या प्रशासन की लापरवाही. क्यों प्रशासन की नाक के तले ओवरलोडिंग होती रही. इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया. अगर ओवरलोडिंग पर लगाम लगती तो जानी नुकसान कम होता. घायलों की मानें तो जिस वक्त यह हादसा हुआ, बस में पांव रखने तक की जगह नहीं थी. बस पूरी तरह से ओवरलोड थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि बस के परखच्चे उड़ गए. यही नहीं बस की छत चेसिस से अलग हो गई और कई यात्री बस के नीचे दब गए. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और बस के नीचे फंसे यात्रियों को बाहर निकाला. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को नाहन मेडिकल कॉलेज, सोलन और आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया. कई घायलों को स्थानीय लोगों ने अपने निजी वाहनों और एम्बुलैंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया. अलग-अलग स्थानों पर घायलों को ले जाने के कारण देर शाम तक घायलों की सही संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी.
हादसे में 14 लोगों की मौत
बता दें कि इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत और 52 लोग घायल हुए है. मृतकों और घायलों में अधिकतर जिला शिमला के कुपवी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं. हादसे में छह माह की मासूम बच्ची और 9 साल की बच्ची की मौत ने भी पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे ने न केवल कई परिवारों से उनके अपनों को छीन लिया, बल्कि सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और क्षमता से अधिक सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
माघी पर्व के लिए घर जा रहे थे अधिकतर लोग
माघी पर्व से पहले हुआ यह हादसा पूरे गिरिपार क्षेत्र और शिमला जिला के कुपवी के लिए एक गहरा और कभी न भरने वाला जख्म दे गया है. 11 जनवरी से शुरू हो रहे जिस माघी त्यौहार को लेकर क्षेत्र में तैयारियां जोरों पर चल रही थी, वहीं खुशियां अब मातम में बदल गई है. उधर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने देर शाम नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंच घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. उधर एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है. इसमें कोई दोराय नहीं है कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. हादसे के कारणों की सही जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी.
सरकार उठाएगी सख्त कदम
वहीं, घायलों से मिलने सोलन अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि 'वो माघी का त्यौहार मनाने के लिए घर जा रहे थे, लेकिन इस तरह से नियमों को ताक पर रखना और खचाखच बस को भरकर सफर करना सही नहीं है. प्राइवेट और सरकारी बसों में जितनी सीटें होती है उतनी ही सवारियां होनी चाहिए, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोडिंग होती है. सरकार इस बस दुर्घटना के मामले में सख्त कदम.'
स्किड होकर गिरी बस
वहीं बस में सवार एक बच्ची ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब सड़क पर पाला जमा हुआ था. अचानक बस को रोका गया और बस स्किड होकर नीचे गिर गई. इस दौरान बच्ची को हाथ पैर में चोटें आई हैं.
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