दलित किशोर हत्याकांड: टिहरी जा रहे सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश को पुलिस ने हरिद्वार में रोका, धक्का मुक्की के बाद धरने पर बैठे
टिहरी दलित किशोर हत्याकांड में परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश कुमार को हरिद्वार पुलिस ने रोका. पुलिस से हुई धक्का-मुक्की.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 28, 2026 at 2:27 PM IST
हरिद्वार: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के चर्चित दलित किशोर हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर और खानपुर विधायक उमेश कुमार को हरिद्वार पुलिस ने शंकराचार्य चौक पर रोक दिया. इस दौरान दोनों नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई. धक्का-मुक्की के बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद के कपड़े तक फट गए. विरोध जताते हुए दोनों नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए.
जानकारी के मुताबिक, रविवार को दोनों नेताओं का काफिला टिहरी कूच करने की सूचना पर हरिद्वार का पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था. सुबह से शंकराचार्य चौक पर स्थानीय पुलिस के साथ बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए थे. पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र को छावनी बना दिया गया. जैसे ही सांसद चंद्रशेखर और विधायक उमेश कुमार का काफिला शंकराचार्य चौक पहुंचा, पुलिस बल ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद दोनों नेता गाड़ियों से उतरकर पैदल आगे बढ़ने लगे. उनके साथ समर्थक भी मौजूद थे. लेकिन पुलिस बल ने उन्हें वहीं चौक पर ही रोक लिया.
इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच आगे जाने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. अफरा-तफरी के बीच सांसद चंद्रशेखर के कपड़े भी फट गए. मौके पर मौजूद एसपी सिटी अभय सिंह और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने दोनों नेताओं को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया और आगे नहीं बढ़ने की अपील की. इस दौरान चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता और गाली गलौज की. सरकार के दबाव में उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है.

'टिहरी में दलित किशोर की हत्या बर्बरतापूर्ण की गई. उसके बावजूद भी पीड़ित परिवार डर के साए में है. पीड़ित परिवार के आग्रह पर ही वो उनसे मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें आगे जाने नहीं दे रही है.
- चंद्रशेखर, सांसद, नगीना लोकसभा -
उन्होंने साफ तौर से कहा कि वो पीड़ित परिवार से मिलकर रहेंगे, चाहे उसके लिए कोई कितना भी जोर लगा ले.
पीड़ित परिवार की जान को खतरा है. सरकार और प्रशासन को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी. जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक प्रयास जारी रहेगा.
- उमेश कुमार, विधायक, खानपुर -
धरने के सवाल पर उमेश कुमार ने कहा कि, जब तक वरिष्ठ अधिकारी उन्हें मौके पर आकर पीड़ित परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित नहीं करते, तब तक वो धरने पर बैठे रहेंगे. हालांकि, दोनों नेता नहीं माने और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए शंकराचार्य चौक पर ही धरने पर बैठे हैं.

वहीं शंकराचार्य चौक पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और जाम के कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी. फिलहाल पुलिस अधिकारियों ने दोनों नेताओं से वार्ता कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.
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