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बेनीवाल बोले, 'पेपर लीक, नशा और अपराध से बिगड़ रहा राजस्थान, युवाओं का भरोसा टूटना चिंता का विषय'

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कई छात्र निराशा के चलते आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है.

Beniwal speaking to the media
मीडिया से बात करते बेनीवाल (बीच में) (ETV Bharat Sikar)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 19, 2026 at 10:55 PM IST

5 Min Read
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सीकर: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शुक्रवार को सीकर सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था, बढ़ते नशे, अपराध, छात्र राजनीति और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी. मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने कहा कि पेपर लीक, नशा और अपराध से राजस्थान बिगड़ रहा है. इससे युवाओं का भरोसा टूटना रहा है, जो चिंता का विषय है.

'नीट पेपर लीक के कारण सीकर की छवि खराब हुई': उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का सीकर से जुड़ाव सामने आने के बाद पूरे प्रदेश की छवि प्रभावित हुई है. परीक्षा रद्द होने और लगातार अनिश्चितता के माहौल ने विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि कई छात्र निराशा के चलते आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है. उनके अनुसार यह पूरी तरह सिस्टम फेलियर है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है.

पेपर लीक पर ये बोले बेनीवाल, देखें वीडियो (ETV Bharat Sikar)

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'सत्ता में आने के बाद वादों को भुला देती है सरकार': रीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए बेनीवाल ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए सीबीआई जांच और आरपीएससी के पुनर्गठन की मांग की थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को भुला दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों के कार्यकाल में पेपर लीक हुए, लेकिन किसी ने भी स्थायी समाधान नहीं निकाला. उनका कहना था कि युवाओं को केवल आश्वासन देकर गुमराह किया गया है.

'राजस्थान में नशा और अपराध बढ़ रहे': राजस्थान में बढ़ते नशे और अपराध को लेकर बेनीवाल ने गंभीर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र में अपराध और सिंथेटिक नशे का जाल तेजी से फैल रहा है. एमडी समेत कई प्रकार के सिंथेटिक नशों के कारोबार में राजनीतिक संरक्षण होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग और उनके परिवार भी इसमें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगातार सिंथेटिक ड्रग्स की फैक्ट्रियां पकड़ी जा रही हैं और प्रदेश नशे के मामलों में देश में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. ऐसे नेटवर्क की कमर तोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.

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'अधिकांश संस्थान आर्थिक लाभ को प्राथमिकता दे रहे': सीकर के कोचिंग संस्थानों पर बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायिकता बढ़ी है. उन्होंने कहा कि अधिकांश संस्थान आर्थिक लाभ को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि विद्यार्थियों की सुविधाओं और मानसिक स्थिति पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विद्यार्थियों के भविष्य और उनके समग्र विकास को केंद्र में रखना जरूरी है.

'चुनाव बहाल कराने की मांग': छात्रसंघ चुनावों के मुद्दे पर बेनीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से चुनाव बहाल कराने की मांग कर रही है और इस संबंध में प्रदेश के सभी संभागों में रैलियां भी की गईं. हालांकि उन्होंने कहा कि आम विद्यार्थियों से बातचीत में यह भी सामने आया कि अधिकांश छात्रों की इसमें विशेष रुचि नहीं है, जबकि चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले लोग ही इसे लेकर ज्यादा सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही आरएलपी अपना छात्र संगठन लॉन्च करेगी.

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'प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव': प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान को मजबूत तीसरे राजनीतिक विकल्प की जरूरत है. उनका कहना था कि कांग्रेस और भाजपा के बीच सत्ता बदलने की परंपरा से जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिला. उन्होंने दावा किया कि यदि तीसरा मोर्चा मजबूत होता है तो प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है. उन्होंने कहा कि पहले कुछ राजनीतिक समीकरण बनने के बावजूद सहयोगी नेताओं के अलग हो जाने से वह प्रयास सफल नहीं हो पाया.

'सरकार की पकड़ कमजोर': मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की पकड़ कमजोर दिखाई देती है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे नेताओं का भी राजस्थान के मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं है. उनका कहना था कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

'नीट को अपने युवाओं को संदेश': युवाओं को संदेश देते हुए बेनीवाल ने कहा कि किसी परीक्षा में असफल होना जीवन की असफलता नहीं है. यदि किसी छात्र का चयन नीट या अन्य परीक्षा में नहीं हो पाता तो परिवार और समाज को उसे निराश करने के बजाय प्रोत्साहित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना ही सफलता का एकमात्र रास्ता नहीं है और युवाओं के लिए अनेक अन्य अवसर उपलब्ध हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास बनाए रखने और निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की.