ETV Bharat / state

हांसी के ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी मुश्किलें, मोबाइल ऐप से हो रहे वाहन लॉक,सरकार से लगाई मदद की गुहार, बोले- "कमाई पर लग गया ब्रेक"

हांसी में BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा लॉक होने की शिकायतें बढ़ने से चालक परेशान हैं. चालकों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

HANSI E RICKSHAW APP
हांसी के ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी मुश्किलें (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 4, 2026 at 4:22 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हांसी: जिले में ई-रिक्शा चालकों के सामने एक नई तकनीकी समस्या खड़ी हो गई है. चालकों का आरोप है कि BAT-BMS नाम के मोबाइल ऐप के जरिए उनके ई-रिक्शों को दूर से लॉक किया जा रहा है, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. चालकों के अनुसार अब तक करीब 30 ई-रिक्शा इस तरह लॉक किए जा चुके हैं. इस मामले में चालकों ने सरकार से हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है. सरकार ने संबंधित ऐप को बंद करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन ऐप फिलहाल ऐप स्टोर से हटाया नहीं गया है.

ब्लूटूथ से जुड़ते ही बंद हो जाता है ई-रिक्शा: चालकों का कहना है कि BAT-BMS ऐप ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा से कनेक्ट हो जाता है. इसके बाद ऐप के माध्यम से वाहन को लॉक या बंद किया जा सकता है. उनका आरोप है कि इस कारण कई बार बीच काम में ही ई-रिक्शा बंद हो जाता है, जिससे पूरे दिन की कमाई प्रभावित होती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा लॉक होने की शिकायतें बढ़ने से चालक परेशान (ETV Bharat)

"तकनीक की जानकारी नहीं, इसलिए हो रहे परेशान": हांसी के ई-रिक्शा चालक प्रवीण ने कहा कि, "अधिकतर चालक गरीब और कम पढ़े-लिखे हैं. उन्हें इस तकनीक की जानकारी नहीं है, इसलिए वे ठगी और परेशानी का शिकार हो रहे हैं. समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए ताकि चालकों की आजीविका प्रभावित न हो."

"लॉक खोलने के नाम पर वसूले जा रहे पैसे": वहीं, ई-रिक्शा चालक विनोद ने आरोप लगाते हुए कहा कि, "कई लोग किराये पर ई-रिक्शा चलाते हैं. रिक्शा बंद होने पर न कमाई होती है और ऊपर से रोज का किराया भी देना पड़ता है. लॉक खुलवाने के नाम पर 100 से 1000 रुपये तक वसूले जाते हैं. इस तरह की घटनाओं से गरीब चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है."

मैकेनिक ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: ई-रिक्शा मैकेनिक राजेश कुमार ने कहा कि, "मेरे पास 20 से ज्यादा ऐसे मामले आ चुके हैं. यदि सुरक्षा फीचर देना ही है तो कंपनी को ऐसी सुरक्षित व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसे कोई भी व्यक्ति मनमाने तरीके से इस्तेमाल न कर सके. मौजूदा व्यवस्था गरीब और अनजान चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है."

"अब तक कोई शिकायत नहीं": वहीं, इस पूरे मामले में हांसी ट्रैफिक इंचार्ज राजीव कुमार ने कहा कि, "इस मामले में हमारे पास अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है. शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी." फिलहाल चालक सरकार और संबंधित एजेंसियों से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: हांसी में उमस भरी गर्मी में दो दिनों से बिजली गुल, भड़के लोगों ने XEN का किया घेराव, SDO ने कुछ भी बोलने से किया इनकार