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20 लाख की एक्स-रे मशीन पहुंची अस्पताल, लेकिन मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ, इस वजह से नहीं हो रही ऑपरेट

खनेरी अस्पताल में 20 लाख रुपये की हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है.

हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन
खनेरी अस्पताल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 19, 2026 at 9:56 PM IST

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Updated : August 19, 2026 at 10:38 PM IST

4 Min Read
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रामपुर बुशहर: हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की कमी के चलते स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं. अस्पताल में मशीनें तो उपलब्ध हैं, लेकिन सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के चलते उन्हें ऑपरेट नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. इसी कड़ी में चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले खनेरी अस्पताल में भी लगातार असुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है. यहां पर लाखों की मशीन तो पहुंंच गई है, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है.

डॉक्टरों की कमी से शुरू नहीं हो रही मशीन

ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से खनेरी अस्पताल के ट्रामा सेंटर के लिए आधुनिक हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन फिलहाल वो उपयोग में नहीं आ पा रही है. मशीन अस्पताल में पहुंच चुकी है, लेकिन ट्रामा सेंटर में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर और स्टाफ की व्यवस्था न होने के कारण इसका नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाया है.

कैसे काम करती है ये मशीन ?

सीएमओ शिमला डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन को जरूरत के अनुसार मोबाइल एक्स-रे यूनिट की तरह मरीज के पास ले जाकर जांच की जा सकती है. ये पोर्टेबल मशीन है. ट्रामा सेंटर में दुर्घटना या गंभीर चोट के मरीजों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है. मरीज को एक्स-रे के लिए दूसरी जगह ले जाने की जरूरत कम हो जाएगी और इमरजेंसी की स्थिति में जांच जल्द की जा सकती है. इस मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपए प्रति मशीन है.

"शिमला जिले के लिए कुल 7 हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं. प्रत्येक मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपए है. अस्पतालों में इन मशीनों को स्थापित करने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ही मरीजों को जरूरी जांच सुविधा उपलब्ध करवाना है." - डॉ. यशपाल रांटा, सीएमओ शिमला

सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर और नर्सों की जरूरत

खनेरी अस्पताल के एमएस रोशन कौंडल ने बताया कि ट्रामा सेंटर में मशीन का प्रभावी उपयोग शुरू करने के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के साथ अलग से नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है. वर्तमान में स्टाफ की कमी के चलते मशीन का पूरा लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लाखों रुपए की लागत से उपलब्ध करवाई गई अत्याधुनिक सुविधायुक्त हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन अस्पताल के स्टोर रूम तक ही सीमित होकर रह गई है.

इन मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा

गौरतलब है कि रामपुर और आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचते हैं. ट्रामा सेंटर में हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे सुविधा शुरू होने से सड़क दुर्घटनाओं, फ्रैक्चर और अन्य गंभीर चोटों के मरीजों की मौके पर ही जांच करने में मदद मिल सकती है. स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और एक्स्ट्रा नर्सिंग स्टाफ की तैनाती कर मशीन का जल्द संचालन शुरू किया जाए, ताकि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का वास्तविक लाभ मरीजों को मिल सके.

"हैंडहेल्ड एआई एक्स-रे मशीन कुछ महीने पहले ही खनेरी अस्पताल पहुंच चुकी है. इस मशीन का उपयोग केवल ट्रामा सेंटर में ही किया जाएगा, लेकिन फिलहाल इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है. मशीन के उपयोग के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की जरूरत है. स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जरूरी स्टाफ की व्यवस्था होने के बाद ही ट्रामा सेंटर में मशीन का उपयोग शुरू किया जा सकेगा." - रोशन कौंडल, एमएस, खनेरी अस्पताल

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Last Updated : August 19, 2026 at 10:38 PM IST