जिला परिषद चुनाव के अखाड़े में हैप्पी पहलवान, वोटर्स के समर्थन से नशे के खिलाफ चलाएंगे अभियान
चुनाव प्रचार में हैप्पी पहलवान की रूसी भाभी कैथरीन भी ग्रामीणों से हिंदी में 'छाता' चुनाव चिन्ह पर मतदान करने की अपील कर रही हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 24, 2026 at 4:53 PM IST
|Updated : May 24, 2026 at 5:06 PM IST
हमीरपुर: हमीरपुर जिला परिषद के चमनेड़ वार्ड का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प बन गया है. यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रोहित शर्मा उर्फ 'हैप्पी पहलवान' चुनावी मैदान में हैं. कुश्ती के अखाड़े से राजनीति के मैदान तक पहुंचे हैप्पी पहलवान ग्रामीण विकास, युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान को अपना प्रमुख एजेंडा बनाकर मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जनता उन्हें मौका देती है तो क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा.
साधारण परिवार से निकलकर चुनावी मैदान तक का सफर
ईटीवी भारत से खास बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनका कोई बड़ा राजनीतिक पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं रहा है. वह एक साधारण और मेहनतकश परिवार से संबंध रखते हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करना है. उन्होंने कहा कि वह बड़े-बड़े वादों की बजाय ईमानदारी, पारदर्शिता और जमीनी विकास के मुद्दों को लेकर जनता के पास जा रहे हैं.
रोहित शर्मा ने बताया कि छात्र जीवन से ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं. वर्ष 2012 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया था. इसके बाद वर्ष 2022 में उपप्रधान पद का चुनाव भी लड़ा. अब जिला परिषद चुनाव के जरिए वह क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी निभाने की इच्छा रखते हैं.

युवाओं को खेल मैदान तक लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता
हैप्पी पहलवान का मानना है कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती नशे का बढ़ता प्रभाव है. उन्होंने कहा कि कई परिवार इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं और समाज पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है. ऐसे में युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा, "मैं लंबे समय से युवाओं को कुश्ती का प्रशिक्षण दे रहा हूं. मेरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक युवा खेल मैदान तक पहुंचें. यदि जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया तो खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने और खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन देने के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा. नशे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका युवाओं को खेल और अनुशासन से जोड़ना है."
सड़क, स्ट्रीट लाइट और ग्रामीण सुविधाओं पर रहेगा फोकस
रोहित शर्मा ने कहा कि चमनेड़ वार्ड में कई मूलभूत समस्याएं आज भी लोगों को परेशान कर रही हैं. कई गांवों में एम्बुलेंस योग्य सड़कें, स्ट्रीट लाइट, खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते और बेहतर संपर्क मार्गों की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि चुने जाने पर इन मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा और हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. "लोग जो भी समस्याएं बताएंगे, उन्हें संबंधित विभागों के माध्यम से हल करवाने की पूरी कोशिश करूंगा," उन्होंने कहा.

भाजपा नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का जताया आभार
रोहित शर्मा ने भाजपा विधायक आशीष शर्मा, पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने एक सामान्य परिवार से जुड़े व्यक्ति पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने और उनका लाभ दिलाने के लिए भी कार्य किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें लोगों का अच्छा समर्थन और स्नेह मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पहलवानी और सोशल मीडिया के माध्यम से वह लंबे समय से लोगों के संपर्क में रहे हैं और भविष्य में भी जनता के बीच रहकर काम करना चाहते हैं.
परिवार भी संभाल रहा प्रचार की कमान
चुनाव प्रचार में रोहित शर्मा का परिवार भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. उनकी बड़ी भाभी कैथरीन, जो रूसी मूल की हैं, ग्रामीणों से हिंदी में 'छाता' चुनाव चिन्ह पर मतदान करने की अपील कर रही हैं. उनकी यह अपील लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं बड़े भाई अंकित शर्मा का कहना है कि क्षेत्र में जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और चुनाव परिणाम ही लोगों के समर्थन की असली तस्वीर पेश करेंगे. रोहित शर्मा की माता ने भी भावुक अपील करते हुए क्षेत्रवासियों से बेटे को आशीर्वाद और समर्थन देने का आग्रह किया है.

जनता के बीच रहकर काम करने का दावा
रोहित शर्मा का कहना है कि जिला परिषद केवल एक पद नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान का माध्यम है. उन्होंने कहा कि यदि जनता का विश्वास मिला तो वह युवाओं, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे. उनके अनुसार चुनाव का उद्देश्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में सार्थक पहल करना है.
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