बाढ़-बारिश से हमीरपुर में हालात बिगड़े; चंद्रावल नदी में युवक बहा, कनेरा में 45 परिवार पानी से घिरे
हमीरपुर में बेतवा का जलस्तर बढ़ रहा है. यमुना का जलस्तर 96.900 मीटर है. यहां खतरे का निशान 103.63 मीटर है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 11:22 AM IST
हमीरपुर : लगातार बारिश और बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण विरमा, चंद्रावल समेत कई नदियां और नाले उफान पर हैं. कई रपटों और मार्गों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है. कनेरा मजरा चारों तरफ से पानी से घिर गया है. बिलगांव में बाढ़ के पानी से मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है. राठ नगर में दूसरे दिन भी कई मोहल्ले जलभराव की चपेट में हैं. मौदहा और कुरारा क्षेत्र में भी कई मार्गों पर पानी भरने से आवागमन रोकना पड़ा है. वहीं चंद्रावल नदी में एक युवक के बहने की सूचना है.
शुक्रवार शाम छह बजे हमीरपुर में बेतवा का जलस्तर 98.500 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़ रहा था. खतरे का निशान 104.54 मीटर है. यमुना का जलस्तर 96.900 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 103.63 मीटर है. शाम चार बजे के आंकड़ों के अनुसार मौदहा बांध से 51 हजार 230 क्यूसेक, लहचूरा से 25 हजार 700 क्यूसेक और माताटीला से 33 हजार 134 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया. तीनों से कुल 1 लाख 10 हजार 64 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज हुआ.

विरमा के पानी से कनेरा घिरा, ट्यूब बना सहारा : विरमा नदी के बढ़े जलस्तर से कुपरा ग्राम पंचायत का कनेरा मजरा चारों तरफ से पानी से घिरा है. ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार से पानी बढ़ना शुरू हुआ और शुक्रवार रात तक मजरा पूरी तरह घिर गया. करीब 45 परिवारों का चार दिन से आवागमन बंद है. कुपरा और हसऊपर-रूरीपारा की ओर जाने वाले रास्ते डूब गए हैं.

नाव नहीं मिलने पर ग्रामीण ट्रैक्टर के ट्यूब में हवा भरकर उसके सहारे खाद्य सामग्री और सब्जियां ला रहे हैं. ग्रामीण पुन्ना और पुरन ने बताया कि गांव में आटा खत्म हो गया है. बिजली के खंभे और तार पानी में डूबने से चार दिन से बिजली भी बंद है. खेतों में पानी भरने से 60 प्रतिशत से अधिक फसल डूब चुकी है. ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2013 के बाद इस बार विरमा में इतना अधिक पानी आया है.

बिलगांव की गौशाला में पानी, 400 कुंतल से अधिक भूसा बहा : बिलगांव की वर्ष 2021 में मनरेगा से बनी मॉडल गौशाला में पानी भर गया है. ग्राम प्रधान रामपाल राजपूत के अनुसार गांव में करीब 525 मवेशी हैं. जिनमें करीब 400 इस गौशाला में हैं. इनमें से 340 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है. गौशाला के दोनों रास्ते डूब गए हैं. पंचायत जेसीबी से टीले को काटकर वैकल्पिक रास्ता बनाने में जुटी है. करीब 20 लोग मवेशियों की देखभाल में लगाए गए हैं.


राठ में दूसरे दिन भी जलभराव : राठ नगर में लगातार दूसरे दिन कई मोहल्ले जलमग्न रहे. औड़ेरा गांव में नहर के ओवरफ्लो होने और खेतों का पानी नगर की ओर आने से चरखारी रोड और अतरौलिया सब्जी मंडी रोड पर घुटनों तक पानी भर गया. अतरौलिया सब्जी मंडी रोड, चरखारी रोड और औड़ेरा रोड के किनारे दुकानों में भी पानी पहुंच गया. नगर पालिका ने पानी निकालने के लिए आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-मोटर पंप लगाए हैं.

लींगा गांव में शुक्रवार को नहर की पटरी टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया और फसलें जलमग्न हो गईं. किसानों ने मिट्टी और बालू की बोरियां लगाकर पानी रोकने का प्रयास किया. अतरौलिया टीला में 36 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित रहने पर मोहल्लेवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर आपूर्ति बहाल करने की मांग की है. गलियों और मकानों में घुटनों तक पानी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है.
मौदहा में सात मार्गों पर आवागमन ठप : प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार मौदहा तहसील में शिवनी, लारौंद, फत्तेपुरवा, इचौली, गुरदहा, हिमौली और पढ़ोरी में जलभराव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोका या डायवर्ट किया गया है. शिवनी में बर्मा नदी के जलभराव से चार डेरों के लोगों को बाबा गंगादास की कुटी में विस्थापित किया गया है. यहां दो नावें चल रही हैं. लारौंद में एक नाव संचालित है.
फत्तेपुरवा और इचौली में श्याम नाले, गुरदहा व पढ़ोरी में चंद्रावल नदी तथा हिमौली में सीहो नाले के पानी से रास्ते प्रभावित हैं. कपसा में अंडरपास में पानी भरने से मौदहा-कपसा मार्ग प्रभावित है. राहगीरों को करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. पढ़ौरी में भी वैकल्पिक मार्ग से करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है.
कुरारा में डेढ़ मीटर पानी, नाव से आवागमन : कुरारा क्षेत्र के सिवनी ग्राम पंचायत के मजरा जगनपुर मार्ग पर करीब डेढ़ मीटर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया था. यहां राजस्व विभाग, पुलिस और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में जेसीबी से जलनिकासी के लिए 165 सेंटीमीटर नाले की खुदाई शुरू कराई गई. आवागमन के लिए नाव भी चलवाई गई हैं.
चंद्रावल नदी में युवक बहा, सुबह से तलाश जारी : मौदहा में चंद्रावल नदी के बढ़े जलस्तर के बीच शुक्रवार शाम भवानी गांव निवासी राकेश (40) पुत्र गोपाल तेज धारा में बह गया. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार सुबह से नदी में उसकी तलाश शुरू कर दी. नदी में पानी अधिक होने और जगह-जगह झाड़ियां होने के कारण खोजबीन में परेशानी हो रही है. सूचना पर पुलिस और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची. ग्रामीणों ने युवक की तलाश के लिए एनडीआरएफ टीम बुलाने की मांग की है.

