हिमाचल की युवती ने दक्षिण अफ्रीका के युवक से की शादी, जानें कैसे चंडीगढ़ से अमेरिका तक दोनों का प्यार चढ़ा परवान
हिमाचल की रुकमणी और साउथ अफ्रीका के जेफ्ते शादी के बंधन में बंधे. चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई थी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : April 15, 2026 at 8:45 AM IST
|Updated : April 15, 2026 at 1:09 PM IST
हमीरपुर : कहते हैं प्यार को किसी देश की सरहद, धर्म, रंग, संस्कृति अपने बंधन में नहीं बांध सकते. प्यार को बंधन में बांधने वाली कोई जंजीर अभी तक नहीं बनी. इसकी एक मिसाल हमीरपुर जिले में स्थित सुजानपुर में देखने को मिली. यहां कक्ड़ गांव की बेटी रुकमणी ने दक्षिण अफ्रीका मूल के जेफ्ते नडाला के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए.
परिवार के सदस्यों ने बताया कि रुकमणी और जेफ्ते के प्यार की कहानी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से शुरू हुई थी, यहां दोनों की मुलाकात MBA की पढ़ाई के दौरान हुई थी. शुरू में हुई छोटी छोटी मुलाकातें प्यार में बदल गई. अलग-अलग देशों और संस्कृतियों (जेफ्ते ईसाई धर्म से हैं और रुकमणी हिंदू) से होने के बावजूद दोनों ने शादी का फैसला लिया. परिवारों की सहमति मिलने के बाद, पारंपरिक भारतीय तरीके से रुकमणी के घर पर दोनों परिवारों के लोग शादी में शरीक हुए और हिंदू मान्यताओं के अनुसार सात फेरे लिए. जेफ्ते का परिवार और दोस्त खास तौर पर शादी में शरीक होने के लिए साउथ अफ्रीका से सुजानपुर पहुंचे थे. परिवार के लोग और दोस्त भारतीय परिधानों में नजर आए.

विदेशी दूल्हे ने निभाईं हिंदू रस्में
शादी समारोह पूरी तरह से पारंपरिक था. जेफ्ते नडाला ने न केवल हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाया, बल्कि पूरे उत्साह के साथ विवाह की रस्में निभाईं. गांव के लोग और रिश्तेदार इस अनोखे मिलन के साक्षी बने. पूरे हिमाचल में इस शादी की चर्चा हो रही है. दुल्हन का परिवार भी शादी से खुश नजर आया. सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
दोनों USA में कार्यरत
दुल्हन के परिवार के सदस्यों ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद रुकमणी और जेफ्ते वर्तमान में यूएसए (USA) में नौकरी कर रहे हैं. दोनों विशेष रूप से शादी के लिए भारत आए थे. विवाह की रस्में पूरी होने के बाद, अब यह नवदंपति अगले सप्ताह वापस अमेरिका लौट जाएगा. विदाई के समय पूरे गांव ने इस जोड़ी को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया. स्थानीय और हिंदू रस्में पूरी तरह से निभाई गई. दुल्हन ने पांव छूकर सास का आशीर्वाद लिया.
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