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बारिश-बर्फबारी के बाद फलदार पौधों की रिकॉर्ड मांग, तय लक्ष्य से ज्यादा हुआ वितरण

बागवानी विभाग ने 60 हजार फलदार पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक करीब 75 हजार पौधे वितरित किए जा चुके हैं.

HAMIRPUR FRUIT PLANTS RECORD DEMAND
बारिश-बर्फबारी के बाद फलदार पौधों की रिकॉर्ड मांग (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 6, 2026 at 3:32 PM IST

3 Min Read
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हमीरपुर: बारिश और बर्फबारी के बाद बदले मौसम ने हमीरपुर जिले में बागवानी को नई रफ्तार दे दी है. अनुकूल मौसम और जमीन में पर्याप्त नमी के चलते फलदार पौधों की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. इसका असर यह रहा कि बागवानी विभाग द्वारा तय किया गया वितरण लक्ष्य न केवल पूरा हुआ, बल्कि उससे कहीं अधिक पौधे बागवानों तक पहुंचाए जा चुके हैं.

बारिश-बर्फबारी के बाद बढ़ी पौधों की मांग

हालिया बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद जमीन में नमी बढ़ गई है. इस कारण बागवानों ने बड़े पैमाने पर नए बगीचे लगाने का मन बनाया. नतीजतन, हमीरपुर जिले में फलदार पौधों की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार पौधरोपण के लिए यह समय सबसे उपयुक्त माना जा रहा है.

बारिश-बर्फबारी के बाद फलदार पौधों की रिकॉर्ड मांग (ETV BHARAT)

तय लक्ष्य से ज्यादा हुआ वितरण

बागवानी विभाग ने वर्ष 2025 के लिए 60 हजार फलदार पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन बढ़ती मांग के चलते अब तक करीब 75 हजार पौधे वितरित किए जा चुके हैं. यानी लक्ष्य से लगभग 15 हजार अधिक पौधे बागवानों को उपलब्ध करवाए गए हैं. विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.

मौसम ने दिया बागवानों को भरोसा

इस बार लंबे समय बाद हुई अच्छी बारिश और बर्फबारी ने बागवानों का भरोसा मजबूत किया है. पहले जहां मौसम की अनिश्चितता के कारण कई लोग पौधरोपण को लेकर असमंजस में थे, वहीं अब अनुकूल हालात मिलने से बागवानी गतिविधियों में तेजी आई है. सर्दियों में लगाए जाने वाले पौधों की खरीद को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.

नए बगीचों के लिए अनुकूल समय

उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक राजेश्वर परमार के अनुसार, "मौजूदा समय नए बगीचे लगाने के लिए बेहद अनुकूल है. जमीन में पर्याप्त नमी होने से पौधों के जमाव की संभावना बढ़ जाती है." उन्होंने बागवानों से अपील की है कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और वैज्ञानिक तरीके से पौधरोपण करें.

पुराने बगीचों की देखभाल भी जरूरी

उपनिदेशक ने यह भी कहा कि नए बगीचे लगाने के साथ-साथ पुराने बगीचों की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है. इस समय खाद डालना और जरूरी उपचार करना फलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा. समय पर की गई देखभाल से आने वाले सीजन में बेहतर पैदावार मिल सकती है.

आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन रही बागवानी

बागवानी विभाग द्वारा सेब, आड़ू, कीवी, प्लम सहित अन्य फलदार पौधे किफायती दरों पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश-बर्फबारी के बाद बढ़ी यह मांग जिले में बागवानी को नई पहचान देगी और किसानों व बागवानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.

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