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हमीरपुर बेतवा नदी पुल हादसा; सैंपलिंग के लिये लखनऊ से जाएगी टेक्निकल टीम, तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण

सेतु निगम के वरिष्ठ अधिकारी डीके. सिंह ने बताया कि अभी प्रारंभिक निरीक्षण किया गया है.

तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण
तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 31, 2026 at 6:53 PM IST

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Updated : May 31, 2026 at 7:20 PM IST

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हमीरपुर : बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया. समिति में एडीएम (नमामि गंगे) सुरेश कुमार के साथ सेतु निगम के वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य परियोजना प्रबंधक शामिल रहे. अधिकारियों ने हादसे वाले हिस्से का बारीकी से निरीक्षण कर तकनीकी और निर्माण संबंधी पहलुओं की पड़ताल की.

रविवार को एडीएम (नमामि गंगे) सुरेश कुमार और सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक डी.के. सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. टीम के तीसरे सदस्य एवं लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सुनील कांत अवकाश पर होने के कारण निरीक्षण में शामिल नहीं हो सके. अधिकारियों ने हादसे वाले हिस्से में गिरे सेगमेंट, क्षतिग्रस्त पियर, बाहर निकली सरिया, ध्वस्त स्टील संरचना और मलबे का बारीकी से जांच किया.

हमीरपुर बेतवा नदी पुल हादसा (Video credit: ETV Bharat)


जांच के दौरान पुल निर्माण से जुड़ी कई तकनीकी जानकारियां भी सामने आईं. निर्माणाधीन पुल में कुल 13 पिलर और 12 स्पैन हैं. अधिकांश स्पैन का निर्माण पूरा हो चुका था. हादसे के समय पांच और छह नंबर पिलर के बीच स्पैन पर कार्य चल रहा था. अधिकारियों के अनुसार, इस स्पैन में कुल 21 सेगमेंट लगाए जाने थे. सेगमेंट रखे जा चुके थे और स्टील स्ट्रैंड भी डाले जा चुके थे. आगे प्री-स्ट्रेसिंग की प्रक्रिया होनी थी, जिसके बाद पूरी संरचना एक इकाई के रूप में मजबूती प्राप्त करती और फिर ग्राउटिंग का कार्य किया जाता.





एडीएम (नमामि गंगे) सुरेश कुमार ने बताया कि रविवार को मौके का निरीक्षण किया गया है. उनके साथ कानपुर से अधिकारी भी पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सोमवार को लखनऊ से तकनीकी टीम आएगी. इसके बाद सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की जाएगी. जहां आवश्यकता होगी वहां सैंपल भी लिए जाएंगे. जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक डीके. सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया निरीक्षण में ऐसा प्रतीत होता है कि तेज आंधी के दौरान सेगमेंट फिसले, जिससे हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि संबंधित स्पैन में सेगमेंट लगाए जा चुके थे और प्री-स्ट्रेसिंग की प्रक्रिया चल रही थी.

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग का अलर्ट मिलने के बाद निर्माणाधीन हिस्से को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे थे. उनका कहना है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे. जांच टीम सभी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी.



डीके सिंह के अनुसार, संबंधित स्पैन में अंतिम चरण का कार्य चल रहा था और प्री-स्ट्रेसिंग पूरी होने के बाद पूरी संरचना एक इकाई के रूप में कार्य करने लगती. उनका कहना है कि तकनीकी जांच में मौसम की स्थिति, निर्माण प्रक्रिया, संरचना की अवस्था और अन्य सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी.


छह लोगों की हुई थी मौत : गौरतलब है कि बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब और संरचना का हिस्सा गिरने से छह लोगों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, मौसम अलर्ट के दौरान कार्य जारी रहने और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे हैं. अब सभी की नजर जांच समिति और तकनीकी टीम की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है.


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Last Updated : May 31, 2026 at 7:20 PM IST