शराब पीकर 8 बच्चों को ट्रक से रौंद डाला था, 3 साल बाद आरोपी को 10 साल की सजा
हाजीपुर कोर्ट ने उस ट्रक ड्राइवर को 10 साल की सजा सुनाई है, जिसने शराब पीकर 8 बच्चों को रौंद डाला था. पढ़ें पूरी खबर..

Published : February 27, 2026 at 8:45 PM IST
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के इतिहास के सबसे हृदयविदारक हादसों में से एक 'देसरी थाना कांड संख्या 495/22' में आज हाजीपुर व्यवहार न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है. विशेष न्यायाधीश (उत्पाद) सुनील दत्त की अदालत ने करीब साढ़े तीन साल पहले 8 मासूम बच्चों की जान लेने वाले बेकाबू ट्रक के ड्राइवर लालू कुमार को दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया है.
मामला तीन साल पुराना: 2022 के इस मामले में कुल 12 गवाही हुई थी. फोरेंसिक से साइंस साइंटिस्ट भी गवाही देने आए थे. ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट में भी अल्कोहल की मात्रा पाई गई थी. जिसके आधार पर सजा दी गई है. उस समय 45% अल्कोहल पाया गया था. फॉरेंसिक साइंस लैब से भी जांच हुई थी. धारा 404 के तहत देसरी थाना में स्थानीय मनोज कुमार के बयान पर मामला दर्ज हुआ था. उस हादसे में उनके बेटे की भी मौत हुई थी.
"श्री सुनील दत्त एक्सेस वन की अदालत में सजा सुनाई है. आरोपी ट्रक ड्राइवर को आईपीसी की धारा 404 के तहत 10 साल का सश्रम कारावास मिला है. धारा 37 के तहत शराब पीने के आधार पर में भी उसे दोषी करार दिया गया है. उसमें 5 हजार रुपये की आर्थिक सजा दी गई है."- लक्ष्मण प्रसाद राय, विशेष लोक अभियोजक, एक्साइज
जब पूजा स्थल बन गया श्मशान: घटना 21 नवंबर 2022 की रात करीब 9:00 बजे की है. देसरी थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर (बिलट चौक) के पास भुइयां बाबा की पूजा का आयोजन हो रहा था. ठिठुरती ठंड के बीच हजारों की संख्या में श्रद्धालु और बच्चे वहां एकत्रित थे. इसी बीच महनार की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने काल बनकर वहां मौजूद भीड़ को रौंद डाला. इस भयावह मंजर में 8 मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर ट्रक पीपल के पेड़ से टकराकर रुक न गया होता तो मृतकों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी.
खून में था 45% अल्कोहल: विशेष लोक अभियोजक लक्ष्मण प्रसाद राय ने बताया कि इस केस को तार्किक परिणति तक पहुंचाने में फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट ने रीढ़ का काम किया. हादसे के बाद जब नवादा निवासी ड्राइवर लालू कुमार को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया तो उसके ब्लड और यूरिन के नमूने लिए गए थे. जांच में उसके शरीर में 45 प्रतिशत अल्कोहल की मात्रा पाई गई, जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त था कि वह पूरी तरह होश खो चुका था. आरोपी लालू नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के मलिया तरी अम्बान का रहने वाला है.

सिस्टम और शराबबंदी पर गंभीर सवाल: इस मामले के सूचक स्थानीय निवासी मनोज कुमार हैं. जिन्होंने इस हादसे में अपने कलेजे के टुकड़े (पुत्र) को खो दिया था. उनके बयान पर ही देसरी थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. दोषी ड्राइवर ने स्वयं स्वीकार किया था कि उसने हाजीपुर के झबुआ में शराब पी थी. यह बयान बिहार के शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. लोक अभियोजक ने भी माना कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शराबबंदी कानून का और कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है.
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