नहीं थम रहा मनुस्मृति विवाद! यूपी की तर्ज पर FIR की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग
शिवपुरी के खनियाधाना में मनुस्मृति जलाने वालों पर एफआईआर की मांग. रक्षक मोर्चा के सदस्यों ने आईजी से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 1, 2026 at 9:25 PM IST
ग्वालियर: लगातार मनुस्मृति ग्रंथ को लेकर मच रहे बवाल के बीच ग्वालियर में रक्षक मोर्चा सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गुरुवार को आईजी ऑफिस पहुंचा. जहां अरविंद सक्सेना से मुलाकात कर शिवपुरी के खनियाधाना में मनुस्मृति जलाने पर एक्शन की मांग की है. रक्षक मोर्चा के संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा ने आईएएस संतोष वर्मा और आईएएस मीनाक्षी सिंह द्वारा ब्राह्मणों और सवर्णों पर टिप्पणी करने को लेकर भी एफआईआर सहित सख्त कार्रवाई की मांग रखी है. प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी को उग्रवादी संगठन घोषित करने की मांग रखी है.
'मनुस्मृति जलाने वालों पर हो एफआईआर'
गुरुवार को नारेबाजी करते हुए आईजी दफ्तर पहुंचे रक्षक मोर्चा ने ऐलान किया है कि जल्द कार्रवाई नही हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा. एड. अनिल मिश्रा का कहना है कि "शिवपुरी के खनियाधाना में शासकीय कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों के सामने मनुस्मृति जलाई गई और उसके बावजूद कोई एक्शन इसके खिलाफ नहीं लिया गया जबकि इसके उलट उत्तरप्रदेश में भी ऐसा ही कृत्य किया गया लेकिन वहां शासन ने खुद संज्ञान लेकर मनुस्मृति जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर की और उन्हें जेल भेजा."
'अपमान करने वालों पर हो कार्रवाई'
रक्षक मोर्चा के संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा का कहना है कि, "मनुस्मृति ग्रंथ से हमारी भावनाए जुड़ी हैं उसके बावजूद उसे जलाया जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं. सनातनियों को भी गालियां दी जा रही हैं और सब अधिकारियों के सामने हो रहा है. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती ऐसे लोगों पर तुरंत मामला दर्ज होना चाहिए.
आईएएस संतोष वर्मा और आईएएस मीनाक्षी सिंह का विरोध
वहीं पिछले दिनों आईएएस संतोष वर्मा और आईएएस मीनाक्षी सिंह द्वारा भी दिए गए विवादस्पद बयानों को लेकर उन पर कारवाई की मांग भी रक्षक मोर्चा ने आईजी से रखी थी. जिस पर आईजी ने आश्वासन दिया है कि मामला विचाराधीन है और इस पर जल्द ही फैसला होगा जिसकी जानकारी दी जाएगी.

'भीम आर्मी को घोषित किया जाए उग्रवादी संगठन'
भीम आर्मी द्वारा किए जा रहे लगातार आंदोलनों की रूपरेखा को देखते हुए भी रक्षक मोर्चा ने उन्हें उग्रवादी संगठन घोषित किए जाने की मांग रखी है. जिस पर उन्हें आश्वासन मिला है कि, इस सम्बंध में राज्य शासन तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी क्योंकि यह बात अंचल के आईजी या एसएसपी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
भितरवार धर्म परिवर्तन मामले पर भी कार्रवाई की मांग
इस सबके साथ ही रक्षा मोर्चा ने कुछ महीनों पहले भितरवार में हुए धर्मांतरण मामले को भी उठाया. एड.अनिल मिश्रा का कहना था कि, "भितरवार में हुए धर्मांतरण के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि राज्य शासन ने ही धर्म परिवर्तन पर कानून बनाया है. जिसका उल्लंघन हुआ लेकिन कार्रवाई नहीं हुई." इस सबके साथ एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी रक्षक मोर्चा ने दी है.
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आईजी ने संबंधित पुलिस अधीक्षकों को दिए जांच के निर्देश
इधर मामले को लेकर ग्वालियर आईजी अरविंद कुमार सक्सेना का कहना है कि "रक्षक मोर्चा के संरक्षक अनिल मिश्रा आए थे उन्होंने चर्चा में भितरवार, खनियाधाना और राज्यस्तरीय प्रशासनिक विषय पर बातचीत की है और एक ज्ञापन दिया है. उस ज्ञापन में दिए गए बिंदुओं पर उचित जांच कराकर जो विधि संवत कार्रवाई हो उसके विषय में संबंधित शिवपुरी और ग्वालियर एसपी को निर्देशित कर दिया है. इन मसलों में जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी वह की जाएगी."

