28 साल से नहीं भरा प्रॉपर्टी टैक्स, मराठा बोर्डिंग से 1. 83 करोड़ रुपये वसूलेगा नगर निगम
ग्वालियर के मराठा बोर्डिंग को भरने होंगे 1 करोड़ 83 लाख रुपये, नहीं तो होगी कुर्की, नगर निगम ने दिया फाइनल अल्टीमेटम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 7, 2026 at 8:41 AM IST
|Updated : February 7, 2026 at 8:51 AM IST
ग्वालियर: नगर निगम अब अपनी कर वसूली को लेकर सख्त होता जा रहा है. निगम क्षेत्र में तमाम ऐसे बड़े संस्थान हैं जिन्होंने लाखों करोड़ों का टैक्स जमा नहीं किया है. हाल ही में जीवाजी यूनिवर्सिटी पर 5 करोड़ से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स विवादों में आया. तो वहीं अब नगर निगम ने अब ग्वालियर के मराठा बोर्डिंग ट्रस्ट को नोटिस जारी एक करोड़, 83 लाख रुपया से अधिक का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की चेतावनी दी है.
28 वर्षों से नहीं भरा संपत्ति कर
असल में वर्षों पहले ग्वालियर में स्थित मराठा बोर्डिंग पूरी तरह व्यावसायिक संगठन के तौर पर काम कर रहा है. लेकिन पिछले 28 वर्षों से मराठा बोर्डिंग पास द्वारा नगर निगम को संपत्तिकर नहीं दिया, जिसको लेकर कई बार पत्राचार और नोटिस भी जारी हुए, लगातार अनदेखी के बाद आखिरकार नगर निगम द्वारा करीब दो करोड़ का टैक्स जमा करने के लिए पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है.
पदाधिकारियों ने किया गुमराह
मामले को लेकर ट्रस्ट के आजीवन सदस्य बाल खांडे का कहना है कि, ''ये बात सही है लंबे समय से ट्रस्ट द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया गया है, इसके संबंध में उनके पास भी एक रिकवरी नोटिस नगर निगम से आया है. जिसमे बताया गया है कि 1997 से टैक्स जमा ही नहीं किया गया है. पहले ये संस्था सामाजिक कार्यों के लिए बनायी गई थी, लेकिन अब उसका उपयोग व्यवसायीकरण के रूप में भी हो रहा है.'' उनका मानना है की ये स्थिति बननी ही नहीं चाहिए थी. लेकिन टैक्स जमा ना कर ट्रस्ट के उच्च पदाधिकतियों ने समाज को गुमराह किया है और इस नोटिस से वस्तुस्थिति सभी को हाल ही में पता चली है.

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'व्यवसायिक गतिविधियों से कमाई, लेकिन टैक्स की भरपाई नहीं'
इस नोटिस के संबंध में नगर निगम उपायुक्त प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि, ''मराठा बोर्ड द्वारा 1997 से अब तक कभी भी टैक्स जमा नहीं किया गया है, ये टैक्स लगभग 1 करोड़ 83 लाख रुपये हो चुका है. मराठा बोर्डिंग में लगातार व्यवसायिक गतिविधियां हो रही हैं. उनके पास एक बड़ा बैंक है, साथ ही विवाह जैसे समारोह भी आयोजित होते हैं. निगम के अधिकारी कई बार उन्हें नोटिस दे चुके हैं, लेकिन बोर्डिंग द्वारा अभी तक टैक्स नहीं जमा कराया गया है. इसको देखते हुए अंतिम नोटिस जारी किया गया है.''

एक महीने का अल्टीमेटम, प्रॉपर्टी होगी कुर्क
मराठा बोर्डिंग पर 1997 में सम्पत्ति कर की राशि 33 हजार 508 रूपये थी, जो बढ़कर अब करोड़ों में पहुंच चुकी है. नगर निगम का कहना है कि, अब अगर टैक्स की राशि जमा नहीं करायी जाती है तो मराठा बोर्डिंग की संपत्ति की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई की जाएगी. टैक्स जमा करने के लिए पूर्व में उन्हें लोक अदालत में भी बुलाया गया था, लेकिन वहां भी ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए. अब उन्हें टैक्स जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है.

