ध्यान से पढ़ लें डॉग लवर्स ये आदेश, जीवाजी कैंपस में नहीं दे सकेंगे कुत्तों को खाना
ग्वालियर जीवाजी प्रबंधन ने डॉग लवर्स के लिए निकाला आदेश, कैंपस के अंदर श्वानों को नहीं दे सकेंगे खाना, नगर निगम बनाएगा शेल्टर होम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 5:13 PM IST
ग्वालियर: आवारा कुत्तों के आतंक का असर ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी पर दिख रहा है. शायद यही वजह है कि, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर आवारा श्वानों को खाद्य सामग्री डालने पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं नगर निगम ने भी एक अहम फैसला लिया है.
विश्वविद्यालय के गेट पर लगाया आदेश
ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर एक आदेशात्मक बैनर लगाया गया, जिसमें बताया गया है की, अगर विश्वविद्यालय के अंदर कोई भी व्यक्ति अंदर घूम रहे आवारा कुत्तों को खाद्य सामग्री वितरण करता मिला तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. ये निर्देश सुप्रीम कोर्ट में दाखिल आवारा कुत्तों के द्वारा हो रहे हमलों के संबंध में दायर याचिका पर आए आदेश के पालन में प्रबंधन द्वारा जारी किया है.
डॉग्स को खिलाया खाना तो होगी कार्रवाई
असल में ग्वालियर में हर दिन 250 से ज्यादा डॉग बाइट के मामले आ रहे हैं. इस बीच हाल ही में ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में भी एक आवारा कुत्ते ने 8 लोगों को अपना शिकार बनाया था. देखने में आया कि ये हालत उन डॉग लवर्स की वजह से बन रहे हैं, जो आवारा कुत्तों को भोजन सामग्री वितरण करते हैं. इन सभी हालातों को देखते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय के कुल सचिव द्वारा एक आदेश निकाला गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि, आवारा श्वानों को भोजन वितरण करने वालों पर कार्रवाई होगी.

'विवि ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किया परिपालन'
जीवाजी यूनिवर्सिटी के समन्वयक और जनसंपर्क अधिकारी विमलेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि, "जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तो सार्वजनिक स्थानों पर डॉग्स को भोजन सामग्री ना देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में ही ये आदेश विश्वविद्यालय परिसर में लगाया गया है."
'हाल ही में एक दिन में 8 लोगों को कुत्ते ने काटा था'
इस नई व्यवस्था पर उनका कहना था कि, "असल में विश्वविद्यालय कैंपस में हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, प्रोफेसर आवास और अन्य आवास हैं. हर दिन लगभग 5 हजार लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं. ऐसे में पिछले कुछ समय से विश्वविद्यालय परिसर में डॉग बाइट के केस आ रहे थे, फिर एक दिन 7-8 लोगों को एक कुत्ते ने काटा था, फिर बीच में सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश भी आ गया, उसी के चलते विश्वविद्यालय प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है.

ग्वालियर में डॉग्स के लिए 5 शेल्टर होम बनाएगा नगर निगम
एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परिपालन सभी विभागों द्वारा किया जा रहा है, तो वहीं कलेक्टर की पहल पर नगर निगम भी इन आवारा डॉग्स के लिए भोजन व्यवस्था बनाने में जुट गया है. ग्वालियर कलेक्टर के समक्ष हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया है. अब ग्वालियर में हर वार्ड में 3 डॉग फीडिंग सेंटर बनाए जाएंगे, नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय ने बताया कि, "अब ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में 5 शेल्टर होम बनाए जाएंगे, जहां पर शहर से पकड़कर लाए जाने वाले डॉग्स को रखा जाएगा. इसके लिए शेल्टर होम बनाने की जगह भी चिन्हित कर ली गई है."
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हर वार्ड में फीडिंग सेंटर भी बनेंगे, डॉग लवर्स को होगी सहूलियत
शेल्टर होम के साथ ही डॉग फीडिंग सेंटर भी नगर निगम जल्द ही डेवलप करेगा. शुरुआती टारगेट 27 फीडिंग सेंटर्स के लिए बनाया गया है. जिनके लिए जगह चिह्नित की गई है. ये अनिवार्य किया गया है कि इन 27 जगहों पर ही फिलहाल डॉग लवर्स आवारा कुत्तों को भोजन के लिए खाद्य सामग्री वितरण कर सकेंगे. यह फीडिंग सेंटर रिहाइशी कॉलोनियां से हटकर खुले मैदानों में बनाये जाएंगे. साथ ही ये निर्णय लिया गया है. कि, ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में कम से कम 3 डॉग फीडिंग सेंटर बनाये जाएंगे, जिन्हें भविष्य में डेवलप किया जाएगा.

