ETV Bharat / state

ढाबे पर एथनॉल से बन रही थी पेट्रोल और शराब, एक्साइज डिपार्टमेंट ने छापा मार कर पकड़ी फैक्ट्री

ग्वालियर पुलिस और आबकारी विभाग ने हाईवे किनारे महाकाल ढाबा पर मारा छापा. मौके से 2600 लीटर इथेनॉल और 20 ड्रम पेट्रोल बरामद. पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

Gwalior Excise Dept raid
ग्वालियर में आबकारी विभाग का छापा (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 7, 2026 at 11:10 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

ग्वालियर: ग्वालियर में आबकारी और पुलिस विभाग ने संयुक्त कारवाई में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ना सिर्फ़ नक़ली शराब बना रहा था बल्कि एक ढाबे में हज़ारों लीटर पेट्रोल भी बनाई जा रही थी. करवाई करने की गई टीम ने यहां से 32 लाख रुपये का माल बरामद किया है, आबकारी विभाग के अनुसार अगर यह नकली शराब आम लोगों तक पहुंच जाती तो इससे सागर जैसा ही बड़ा घटनाक्रम हो सकता था.

ग्वालियर आबकारी विभाग ने यह कार्रवाई जिले के मोहना क्षेत्र में हाईवे पर संचालित महाकाल ढाबा पर रविवार देर रात की. ग्वालियर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी के मुताबिक़, मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोहन क्षेत्र के पास आगरा मुंबई नेशनल हाईवे पर चेराई रेंहट में महाकाल ढाबे पर अवैध शराब (एथनॉल) मंगाई जा रही है और उससे मिलावटी पेट्रोल बनाया जा रहा है. साथ ही शराब बेची जा रही है. इस सूचना की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आबकारी विभाग की टीम गठित की गई जिसने महाकाल ढाबे पर दबिश दी.

कमरे में रखी थी 2300 लीटर एथनॉल

सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी ने बताया "जब टीम मौके पर पहुंची तो ढाबा संचालक मौजूद थे, ऐसे में कुछ गवाहों को बुलाकर जब ढाबे की तलाशी ली गई तो वहां रखी करीब 61 लीटर देसी और विदेशी शराब मिली. इनके साथ ही भारी मात्रा में बियर की बोतल और कैन भी वहां से जब्त कर लिया गया. लेकिन जब ढाबे से लगे पीछे की और बने दो कमरों की तलाशी ली गई तो एक कमरे से आबकारी टीम को 200-200 लीटर के 13 ड्रम मिले जिनमें ईएनए अल्कोहल यानी एथनॉल भरा हुआ था. जिसकी जाँच और पुष्टि के बाद उसे जब्त किया गया. टीम ने मौके से 2300 लीटर एथनॉल बरामद किया है. इसके सैंपल लिए गए जिन्हें जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा."

ढाबा पर तैयार 20 ड्रम पेट्रोल भी किया बरामद

इसके अलावा जब दूसरे कमरे की तलाशी ली गई तो वहाँ टीम को 18 ड्रमों में भरा हुआ थिनर भी मिला. इसके अलावा 20 ड्रम एथनॉल से तैयार किया गया पेट्रोल भी टीम ने ढाबे से बरामद किया, जिसे कार्रवाई के लिए पुलिस को सुपुर्द किया गया है. अधिकारी राजेश तिवारी का कहना है कि, "ढाबा पर मिली 2300 लीटर ईएनए अल्कोहल (एथनॉल) को जब्त कर लिया गया है. इससे लगभग 8 हज़ार लीटर शराब बनाई जा सकती है. इसकी वर्तमान बाजार कीमत 32 लाख रुपये है. आबकारी विभाग ने मामले में ढाबा संचालक अनिल शर्मा सहित सौरभ गुर्जर और अतीक ख़ान कुल तीन लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर गिरफ़्तार कर लिया है.

इतनी खतरनाक शराब पीने वाले की हो सकती है मौत

सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजेश तिवारी की माने तो इस एथनॉल की 175 डिग्री ओपी है, जिससे पेट्रोल तैयार किया जा रहा था. इसमें पानी नहीं होता, और ये इतना खतरनाक है कि अगर कोई ये शराब पी जाए तो वह अंधा हो सकता है, तबीयत बिगड़ सकती है, और समय पर इलाज ना मिले तो जान भी जा सकती है. इस स्थिति में यह बहुत ख़तरानाक होती है, इसलिए प्रोफेशनल एक्सपर्ट्स द्वारा डिस्टिलरीज में इसको बहुत ज़्यादा डायल्यूट किया जाता है तब उससे शराब तैयार होती है. लेकिन किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इससे शराब अमानक बनेगी और लोगों के लिए हानिकारक होगी. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यदि ये शराब सर्कुलेट हो जाती तो सागर जैसा बड़ा घटनाक्रम ग्वालियर में भी हो सकता था.