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ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की कमी, एविएशन मिनिस्ट्री और एयरलाइन कंपनियों को HC का नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइन कंपनियों को दिया नोटिस, ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की कमी का मामला.

MP HIGH COURT NOTICE CIVIL AVIATION
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइन कंपनियों HC का नोटिस (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 1:03 PM IST

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Updated : February 26, 2026 at 1:24 PM IST

3 Min Read
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं के विस्तार के बावजूद फ्लाइट्स की कमी पर अब हाईकोर्ट भी चिंतित है. जिसको लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्र सरकार के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय और ग्वालियर एयरपोर्ट पर सेवाएं दे रही एयरलाइन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

नियमित उड़ानों को लेकर लगाई गई जनहित याचिका

असल में ये नोटिस एक जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए हैं. मामला ग्वालियर एयरपोर्ट पर संचालित होने वाली नियमित हवाई उड़ानों को लेकर कोर्ट के संज्ञान में लाया गया था. ये जनहित याचिका कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष सुदर्शन झवर द्वारा दायर की गई है.

GWALIOR VIJAYARAJE SCINDIA AIRPORT
ग्वालियर विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट (ETV Bharat)

नया एयरपोर्ट, यात्री बढ़े, लेकिन सीमित उड़ाने

याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर पैरवी कर रहे वकील सिद्धार्थ सिजौरिया के मुताबिक, "इस पीआईएल पर याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है की, "ग्वालियर के नए एयरपोर्ट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल का निर्माण करीब 450 करोड़ की लागत से कराया गया. इसके बाद ग्वालियर से हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी 25 से 26 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है. बावजूद इसके ग्वालियर को पर्याप्त हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. देश के कई प्रमुख शहरों के लिए ग्वालियर से कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है."

Gwalior Vijayaraje Scindia Airport
ग्वालियर राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट (ETV Bharat)

एविएशन पॉलिसी लागू फिर भी प्रमुख शहरों के लिए नहीं फ्लाइट्स

एडवोकेट सिद्धार्थ राजौरिया ने कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारों ने छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए नीतियां बनायी है. मध्य प्रदेश में भी एविएशन पॉलिसी लागु हो चुकी है, लेकिन ग्वालियर से देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ाने अब तक शुरू नहीं हो सकी है.

कोर्ट ने संबंधित पक्षों को दिया नोटिस

हालांकि इस दौरान वकील ने यह भी बताया कि, इस सुनवाई के लिए याचिकाकर्ता द्वारा नगर निगम को 25 हजार रुपए जमा करने की सहमति दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई योग्य माना और याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं."

Last Updated : February 26, 2026 at 1:24 PM IST