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ठगों ने 5 राज्यों के 24 साइबर फ्रॉड्स में इस्तेमाल किए मध्य प्रदेश के सिमकार्ड, 8.78 करोड़ की ठगी

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगे साइबर ठगों के सिम प्रोवाइडर. अलग-अलग 5 राज्यों में 24 मामलों में उपयोग हुए सिमकार्ड. पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

GWALIOR FRAUDSTERS MP SIM CARDS
ठगों ने 5 राज्यों के 24 साइबर फ्रॉड्स में इस्तेमाल किए मध्य प्रदेश के सिमकार्ड, (Getty Image)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 25, 2026 at 11:02 PM IST

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ग्वालियर: साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन फास्ट के तहत ग्वालियर पुलिस ऐसे 2 आरोपियों तक पहुंची हैं, जो साइबर फ्रॉड्स को फर्जी दस्तावेजों पर सिमकार्ड उपलब्ध कराते थे. पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस कैसे इन आरोपियों तक पहुंची और कैस ये आरोपी अपना नेटवर्क चलाते हैं इसका खुलासा भी पुलिस ने किया है.

महिलाओं के नाम से अलॉट सिम कार्ड से हो रही थी ठगी

ग्वालियर के मोहना थाना पुलिस ने ये कार्रवाई की है, जिन्हें एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान 4 ऐसे मोबाइल नंबर मिले, जिनका उपयोग अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में किया गया था. ये सिम कार्ड मोहन क्षेत्र की 4 अलग-अलग परिवारों की महिलाओं के थे.

सिम पोर्ट और नए सिम पर ऑफर के नाम पर देते थे झांसा (ETV Bharat)

सिम पोर्ट और नए सिम पर ऑफर के नाम पर देते थे झांसा

पुलिस ने आरोपी लखन धाकड़ को हिरासत मे लेकर पूछताछ की तो ठगी का ये सारा गणित सामने आ गया. ग्वालियर एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि, "आरोपी से पूछताछ में उसने बताया कि, ये लोग गांव-गांव जाते थे और लोगों को सिम खरीदने या पोर्ट कराने पर फ्री रिचार्ज और डेटा का ऑफर देते थे. जो लोग झांसे में आ जाते उन लोगों के दस्तावेज लेकर दो-दो तीन तीन बार बायोमेट्रिक स्कैन कर अन्य सिमकार्ड एक्टिवेट करा लेते थे. बाद में इन फर्जी सिम कार्ड्स को साइबर फ्रॉड को बेच देते थे."

MADHYA PRADESH SIM CARD CYBER FRAUD
पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार (ETV Bharat)

अलग-अलग राज्यों में 24 मामलों में उपयोग हुए सिमकार्ड

एएसपी सुजावल जग्गा के मुताबिक, "एनसीआरबी पोर्टल की शिकायतों के आधार पर मिली लिस्ट में 4 सिमकार्ड थे जिनका इस्तेमाल 24 अलग-अलग ठगी के मामलों में किया गया. जिनमें लगभग 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार रुपये का फ्रॉड हुआ था, जो केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, चंडीगढ़ जैसे राज्यों से किये गए थे."

सिम पोर्ट के नाम पर लिए गए थे महिलाओं के दस्तावेज

मोहना पुलिस ने चारों महिलाओं से इस बारे में जानकारी ली तो चारों से एक कॉमन बात पता चली कि, लाखन धाकड़ नाम का सिम प्रोवाइडर उनके गांव में आया था, जिसने सिम पोर्ट कराने पर एक महीने का फ्री रिचार्ज का ऑफर देकर उनके दस्तावेज और फिंगर प्रिंट लिए थे. पुलिस ने इसके बाद कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म निकलवाये और उनके जरिए सिम विक्रेता लाखन धाकड़ तक पहुंची.

चेन सिस्टम से साइबर ठगी तक पहुंचती है फर्जी सिम

आरोपी लाखन धाकड़ से पुलिस को पता चला कि, ये अवैध सिमकार्ड उसने आगे सोनू धाकड़ नाम के शख्स को बेचे थे, जहां से ये फ्रॉड्स तक पहुंचे. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया है, साथ ही मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि, इस गिरोह के तार कहां कहां तक जुड़े हैं.