ग्वालियर में सड़क फाड़ कर आया सैलाब, घरों में घुसा पानी, आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त
ग्वालियर की अर्णव ग्रीन सिटी कॉलोनी में पाइपलाइन फटी, घरों में पानी घुसने से हुआ नुकसान, कई मकानों में आए क्रैक्स.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 12:08 PM IST
|Updated : January 11, 2026 at 1:07 PM IST
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के सागरताल इलाके में बनी एक अर्णव ग्रीन सिटी कॉलोनी में शनिवार अलसुबह अचानक मकानों की दहलीजों को तोड़ कर भारी मात्रा में पानी बह निकला. पानी का दबाव इतना था की घरों को नुकसान तो पहुंचा ही बल्कि सड़क तक फट गई. अचानक इतना पानी आने से लोगों में दहशत जैसा माहौल बन गया. लोग अपने ही घरों में घुसते पानी से ट्रैप होने लगे. लोगों का काफी निकसान तो हुआ ही लेकिन अब लोग अपने ही मकानों में रहने से डर रहे हैं.
अलसुबह हुआ हादसा, घरों में सो रहे थे लोग
असल में घटना सागरताल इलाके की अर्णव ग्रीन सिटी कॉलोनी की है. यहां पानी का सैलाब कॉलोनी से गुजरी पानी की 32 इंची मेन पाइपलाइन के फटने से आया. जिसके होने के बारे में लोगों को पता तक नहीं था. स्थानीय रहवासियों के मुताबिक शनिवार अलसुबह करीब 6.15 बजे अचानक बम धमाके जैसी आवाजें आईं. जब वे अपने दरवाजे तक पहुंचे तो सड़क पर चारों ओर पानी ही पानी निकल रहा था. कुछ ही समय में ये पानी उनके घरों में घुसने लगा. ये घटना क्रम एक घर पर लगे सीसीटीवी में भी कैद हुआ.''
पानी घटा तो सड़क धस चुकी थी, अंदर थी पाइपलाइन
इन हालातों को देख कर लोग दहशत में आ गए. सामान हटाएं या बच्चों को निकलें, करें तो क्या करें जैसी हालत हो गई. इसी जोद्दोजहद के बाद जब घंटे भर बाद पानी बंद हुआ और उतरा तो सभी घरों की दहलीजे टूटी पड़ी थीं. मकानों की दीवारों पर क्रैक्स आ चुके थे, पानी की बोरिंग ठप पड़ गई थी. यहां तक की सड़क पर बड़ा से गड्ढा था और उसके आगे की सड़क भी धसक गई थी. घबराए हुए लोगों ने जब देखा तो पता चला की सड़क के महज दो फीट नीचे से 32 इंच की सरकारी पाइपलाइन निकली हुई थी. ऐसे अंदाजा लगाया जा रहा है कि, जब अंदर पाइपलाइन फूटी होगी और कहीं से रास्ता नहीं मिला तो लोगों की दहलीजों को तोड़ कर पानी बाहर निकला होगा.

अपने ही घरों में रहने से डर रहे लोग
घटना की जानकारी लगने पर स्थानीय पार्षद भी स्थिति का मुआयना करने पहुंचे और बाद में सूचना मिलने पर एसडीएम और नगर निगम के उपायुक्त भी लोगों के बीच पहुचे. हालत तो नियंत्रित थे लेकिन लोगों के घरों को काफी नुकसान हुआ था. पीड़ित रहवासियों में से एक गौतम परिहार का कहना है कि, "कॉलोनाइजर अब किसी के कॉल नहीं उठा रहा. जब यहां प्लॉट लिया था तब कॉलोनाइजर ने इसे फॉर्मफॉर कॉलोनी बताया था. लेकिन यहां से गुजरी पाइपलाइन सरकारी है. ऐसे में निगम ने यहां कॉलोनी बनाने की परमिशन कैसे दी, और यहां जिस तरह का हादसा हुआ है अगर पानी और घंटे भर चलता तो सभी मकान गिर जाते. अब उन्हें यहां रहने में भी डर लग रहा है."

सुधार से पहले नुकसान की भरपाई चाहते हैं रहवासी
घटना के बाद नगरनिगम से उपायुक्त आए थे और पाइपलाइन और सड़क दुरुस्त करने की बात कह रहे थे. लेकिन रहवासी इसके लिए तैयार नहीं थे. उनका कहना था कि, नगर निगम सड़क और पाइपलाइन दुरुस्त कर जाएगा. लेकिन जो सरकारी पाइपलाइन से उनका नुकसान हुआ उसे कौन ठीक करेगा. उनके नुकसान की भरपाई की जाए.

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लोगों को सुबह से शुद्ध पेयजल तक नसीब नहीं
एक अन्य रहवासी देव शर्मा का कहना है कि, ''इस कॉलोनी में पाइपलाइन हादसे ने गुणवत्ता की पोल खोल दी है. पूरी सड़क अंदर से खोखली है और पानी की वजह से बैठ गई. यहां तक कि उनके घरों में घुसे पानी की वजह से अंदर तक नुकसान हुआ है. अब हालत यह है कि घरों में ना तो पीने का पानी है. ना टॉयलेट जाने की व्यवस्था. लेकिन इनकी सुनवाई कब तक होगी ये भगवाने भरोसे हैं.''

निगम कमिश्नर बोले- नुकसान को करायेंगे दुरुस्त, जांच भी होगी.
इन हालातों में जब ईटीवी भारत की टीम ने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय से संपर्क किया तो उनका कहना था कि, "घटना के बाद हमने निरीक्षण करा लिया है. अब प्राथमिकता से पाइपलाइन को ठीक कराएंगे. साथ ही आसपास अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर का नुकसान इसकी वजह से हुआ है तो उसे भी दुरुस्त कराया जाएगा. साथ ही जल्द से जल्द इसकी जांच कराएगी जाएगी और पता लगाया जाएगा कि पाइपलाइन किस कारण फटी है. क्या वहां पानी का प्रेशर ज़्यादा था या अन्य कोई कारण, जो भी होगा पता कर उस समस्या को दूर करायेंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो."

