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बीजेपी नेता के फार्म हाउस पर अवैध शराब फैक्ट्री, तैयार हो रही थी नकली लिकर

ग्वालियर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई. बीजेपी नेता के घर पर चल रही थी अवैध शराब फैक्ट्री. छापे में 7 करोड़ का माल बरामद.

GWALIOR ILLEGAL LIQUOR FACTORY
ग्वालियर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : October 27, 2025 at 8:14 PM IST

4 Min Read
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ग्वालियर: घाटीगांव में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यहां शराब माफिया ब्रांडेड शराब की नकली शराब तैयार करते थे. आबकारी विभाग की माने तो यहां तैयार नकली शराब के साथ साथ इतना मटेरियल बरामद हुआ है, जिससे 5 करोड़ से ज़्यादा की शराब तैयार कर बेची जा सकती थी. ये अवैध कारोबार जहां संचालित हो रहा था वह जमीन एक नामी बीजेपी नेता की बताई जा रही है.

तैयार हो रही थी ब्रांडेड शराब की कॉपी

ग्वालियर के घाटीगांव में बीजेपी नेता की जमीन पर लंबे समय से एक नकली शराब की फैक्ट्री संचालित हो रही थी. यहां सिर्फ नकली शराब तैयार करने का काम नहीं हो रहा था बल्कि, बड़ी बड़ी मशीनों के सेटअप लगे हुए हैं. जिनकी मदद से बॉटलिंग से लेकर लेबलिंग तक का काम यहां किया जा रहा था. इस नकली शराब को असली दिखाने के लिए आबकारी विभाग के फेक होलोग्राम भी लगाये जा रहे थे, जिससे आसानी से शराब की बोतल का नकली होना पता ना चल सके.

बीजेपी नेता के घर पर चल रही थी अवैध शराब फैक्ट्री (ETV Bharat)

नकली शराब और भारी मात्रा में पैकिंग का सामान बरामद

ग्वालियर में रविवार देर रात हुई इस कार्रवाई के बारे में सहायक आबकारी आयुक्त राजेश कुर्मी ने बताया कि "उन्हें काफी समय से मोहना घाटीगांव क्षेत्र में अवैध शराब के भंडारण और निर्माण संबंधी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी. इसी के आधार पर रविवार को छापामार कार्रवाई की गई. इस दौरान मौके से अनपैक्ड शराब के अलावा करीब 225 पेटी पैक शराब जब्त की गई है. इन पेटियों में फेमस ब्रांड की बोतले भरी हुई थी, जो खासकर मध्य प्रदेश में सागर संभाग में सबसे ज्यादा बिकती है. इन दोनों ही ब्रांड की कॉपी तैयार की जा रही थी. साथ ही इनकी बॉटलिंग और लेबलिंग की जा रही थी."

Gwalior excise department action
नकली शराब बनाने के लिए लगी मशीनें (ETV Bharat)

ड्रमों में मिली करीब 23 हजार लीटर ओपी

इसके साथ साथ मौके से आबकारी विभाग को 22850 लीटर ओपी (ओवर प्रूफ) कई ड्रमों में भरी हुई मिली. इतनी ओपी से लगभग 5500 पेटियां शराब की तैयार हो सकती थी. जिनकी कीमत बेचने पर कम से कम 5 करोड़ रुपए से ज्यादा होती. इसे आबकारी विभाग की एक बड़ी सफलता बताते हुए सहायक आबकारी आयुक्त ने बताया कि "उन्हें फैक्ट्री से बॉटलिंग और पैकिंग के भारी मात्रा में मटेरियल और मशीनरी का बड़ा सेटअप भी मिला है. साथ ही यहां आबकारी विभाग द्वारा जारी किए जाने होलोग्राम के तरह के नकली होलोग्राम भी बरामद हुए हैं."

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ब्रांडेड शराब की हो रही थी नकली पैकेजिंग (ETV Bharat)

हरियाणा से लाए गए थे कारीगर

इस पूरी कार्रवाई में आबकारी विभाग ने 5 लोगों को भी गिरफ्तार किया है. जिनमें एक ड्राइवर, एक महिला और तीन कर्मचारी हैं. तीनों कर्मचारी हरियाणा से हैं. उन्होंने पूछताछ में बताया है कि "उन्हें फैक्ट्री पर आंखों पर पट्टी बांधकर लाया गया था. यहां वे शराब बनाने और उसके लेनदेन का काम करते थे."

बीजेपी नेता की प्रॉपर्टी पर संचालित थी फैक्ट्री

आबकारी विभाग के अनुसार शराब निर्माण के बाद तैयार नकली शराब को उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में खपाया जाता था. जिसके रिकॉर्ड भी शराब फैक्ट्री से मिले हैं. साथ ही जिस जगह ये फैक्ट्री संचालित हो रही थी. वह ग्वालियर के बीजेपी नेता के नाम पर है. हालांकि अब तक वे सामने नहीं आए हैं, लेकिन आबकारी विभाग का कहना है कि "जब उनसे बातचीत होगी तो पूछताछ की जाएगी. आखिर इतनी बड़ी मात्रा में उनके पास ओपी कैसे आई और ये वैध है या नहीं. इस सभी बतों पर अभी जांच बाकी है."