RTO का ई-चालान ओपन करते ही खाते से एक लाख गायब, ग्वालियर में चौंकाने वाली सायबर ठगी
ग्वालियर में सायबर जालसाजों ने युवक को कंगाल कर दिया. एपीके फाइल के जरिये हैकिंग, फिर UPI से मनी ट्रांसफर.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 7:28 PM IST
|Updated : January 3, 2026 at 8:44 PM IST
ग्वालियर: ई-चालान के नाम पर युवक एक लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया. ग्वालियर के हज़ीरा थाना क्षेत्र में रहने वाले शैलेंद्र बैस के साथ बीते 25 नवंबर को सायबर ठगी हो गई थी. न्यू ग्रासिम विहार कॉलोनी में रहने वाले शैलेंद्र बैस ने बताया "उनका होटल का बिजनेस है, जिसकी वजह से उनका ज़्यादा कहीं आना-जाना नहीं हो पता है. वे अपने मोबाइल के ज़रिए ही लेनदेन के काम करते हैं."
एम-परिवहन ई-चालान का फेक मैसेज
25 नवंबर को जब वे अपने घर पर थे एम-परिवहन ई-चालान का मैसेज ह्वाट्सऐप पर आया. इन दिनों ग्वालियर में ज्यादातर ट्रैफिक नियम उल्लंघन करने पर चालान सीधा मोबाइल पर आ जाता है तो उन्होंने ज़्यादा दिमाग़ नहीं लगाया और चालान देखने के लिए उसे ओपन किया.
ई-चालान खोला तो कट गए बैंक खाते से एक लाख
ई-चालान पढ़कर उन्होंने जब उस फाइल पर क्लिक किया तो उनका फ़ोन कम करना बंद कर गया. उन्होंने समझा कि मोबाइल हैंग हो गया है. और उसे नज़रअंदाज़ कर दिया लेकिन कुछ समय बाद मोबाइल पर दो बार में करीब एक लाख रुपये बैंक खाते से कट जाने का एसएमएस आया.
इसके बाद वे तानसेन नगर स्थिति आईसीआईसीआई बैंक शाखा में पहुंचे और इस बारे में पूछताछ की तब उन्हें पता चला कि उनके खाते से ठगी हो गई है. इसके बाद उन्होंने तुरंत अपना बैंक अकाउंट होल्ड कराया और पुलिस को इसकी जानकारी दी.
एपीके फाइल के ज़रिए हैकिंग, फिर UPI से मनी ट्रांसफर
साइबर प्रभारी और सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया "फरियादी द्वारा इस संबंध में साइबर सेल को शिकायती आवेदन दिया गया था, जिस पर जांच की जा रही थी. जांच के दौरान पाया गया कि पीड़ित के बैंक खाते से 49900-49900 रुपये के दो यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए, रकम किसी अन्य खाते में ट्रांसफर की गई है. टेक्निकल साक्ष्यों में पता चला ई-चालान के नाम से जो फाइल फरियादी के मोबाइल पर आई थी, वह एक apk फाइल थी, जिसके ज़रिए मोबाइल हैक किया गया होगा."
एक महीने बाद दर्ज हुई FIR
फरियादी की शिकायत पर हुई जांच के बाद आखिरकर एक महीने बाद जाकर शुक्रवार को पुलिस ने सायबर अपराध में मामला दर्ज कर लिया है. अब साइबर पुलिस ये पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई. आरोपियों का पता लगाया जा रहा है. पुलिस ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की बात भी कही है.
- "दम है तो पकड़ कर दिखाओ", डिजिटल अरेस्ट केस में सायबर सेल अफसरों को खुला चैलेंज
- 'आपके भेजे पार्सल में ड्रग्स मिले हैं, गिरफ्तारी होगी', इंदौर में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से सायबर ठगी
अज्ञात सोर्स से आई फाइल व मैसेज ओपन नहीं करें
सायबर सेल के अलावा तकनीक के जानकार बार-बार लोगों को जागरूक करते हैं कि कोई भी फाइल अगर ऑनलाइन ओपन करते हैं तो इसमें बहुत रिस्क है. इसके बाद भी लोग किसी का भी मैसेज तुरंत ओपन करके पढ़ने लग जाते हैं. अननोन व्यक्ति के मैसज खोलकर देखना खतरे से खाली नहीं है. पीडीएफ फाइल ओपन करना तो अपने पैर पर कुल्हाड़ी पटकना है.

