ग्वालियर में 13 लाख टन कचरा साफ करेंगी इटली वाली मशीनें, नगर निगम का सिरदर्द खत्म
कचरे का पहाड़ खत्म करने इटली से बुलाई गई मशीनें, पहले हर दिन 600 टन कचरा हुआ था डिस्पोज, फिर भी खत्म नहीं हुआ पहाड़. पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 29, 2026 at 2:40 PM IST
ग्वालियर : शहर में बढ़ रहा कचरे का पहाड़ जल्द ही खत्म हो जाएगा. कचरा निष्पादन के साथ इसे कमाई का जरिया बनाने के लिए ग्वालियर नगर निगम ने इटली से हाईटेक मशीन ग्वालियर बुला ली है, जो केदारपुर में लगे 13 लाख टन कचरे को खत्म करने के लिए अक्टूबर से काम पर लग जाएंगी.
ग्वालियर पहुंची हाईटेक मशीन
ग्वालियर में प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बाद पूरे शहर का वेस्ट शहर के बाहर बने केदारपुर कचरा निष्पादन केंद्र पर पहुंचाया जाता है, लेकिन वर्षों से कचरा निष्पादन के काम में उदानसीता के चलते केदारपुर लैंडफिल साइट पर 13 लाख टन कचरे का पहाड़ बन चुका है. लाख कोशिशों और करोड़ों खर्च करने के बाद भी यह समस्या दूर नहीं हो रही है. कचरा हर दिन शहर से तो उठाया जाता है लेकिन इसका निष्पादन ठीक से नहीं हो पा रहा है. ऐसे में अब नगर निगम हाईटेक मशीन और नए टेंडर के जरिए इस समस्या से निजात पाने की तैयारी में है.

हर दिन 600 टन कचरा डिस्पोज हुआ, फिर भी खत्म नहीं हुआ पहाड़
केदारपुर लैंडफिल साइट पर बने वेस्ट प्रोसेसिंग कंट्रोल सेंटर के इंचार्ज शैलेंद्र सक्सेना के मुताबिक, '' केदारपुर लैंडफिल साइट पर हर दिन शहर से इकट्ठा किया करीब 600 टन कचरा वाहनों से लाया जाता है. लेकिन पिछले ठेकेदार द्वारा इसके निष्पादन का काम ठीक से नहीं किया गया और इस बात को लेकर नगर निगम और ठेकेदार के बीच विवाद चलता रहा. क्योंकि टेंडर 33 करोड़ रु का था. उसे हर दिन 600 टन कचरा डिस्पोज करना था लेकिन इतनी धीमी रफ्तार से काम किया गया कि 13 लाख टन में से सिर्फ 6 लाख टन कचरा ही साफ हो पाया, जिसके चलते टेंडर खत्म कर दिया गया.''

अक्टूबर से होगा हर दिन 1200 टन कचरे का निष्पादन
शैलेन्द्र सक्सेना के अनुसार, '' ग्वालियर नगर निगम ने इस समस्या से निपटने के लिए इटली से दो मशीन मंगाई थी, जो ग्वालियर आ चुकी है और जल्द ही इनका इंस्टॉलेशन भी हो जाएगा. जिसके बाद अक्टूबर से पूरी रफ्तार से कचरा निष्पादन का काम शुरू हो जाएगा. ये मशीन हर दिन शहर के ताजे कचरे के साथ ही पुराना कचरा भी डिस्पोज करेगी. जिसका मतलब है कि हर दिन 1200 टन कचरा खत्म होगा. इसके लिए भी नगर निगम नया शॉर्ट टेंडर जारी कर दिया है. सितंबर तक इच्छुक ठेकेदार आवेदन कर सकेंगे सितंबर में टेंडर खुलने के बाद मशीन शेटअप करने के लिए सभी जरूरी निर्माण शुरू कराए जाएंगे जो संभवतः अक्टूबर में पूरा हो जाएगा. इसके साथ ही मशीन इनस्टॉल करने काम शुरू कर दिया जाएगा.''
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नगर निगम और ठेकेदार दोनों को होगा फायदा
इस कचरे के निष्पादन के साथ ही नगर निगम ने टेंडर में ठेकेदार की बचत की व्यवस्था भी कर दी है. क्योंकि हर दिन शहर से कलेक्ट होने वाला कचरा सूखा और गीला दोनों तरह का होता है. ऐसे में नगर निगम की प्लानिंग है कि, कचरा निष्पादन का नया ठेका सिर्फ 4.5 करोड़ रु में दिया जा रहा है, जो पिछले टेंडर से 28.8 करोड़ रु कम है और नगर निगम को इससे काफी बचत होगी. वहीं, लैंडफिल साइट पर आने वाले सूखे और गीले कचरे को ठेकेदार कंपनी द्वारा अलग-अलग किया जाएगा. और इसके बाद सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए फैक्ट्रियों को बेचा जाएगा और गीले कचरे से ऑर्गेनिक खाद तैयार की जाएगी, जिससे किसानों, नर्सरियों और पार्कों के लिए बेचा जाएगा. इन उत्पादों से होने वाली कमाई पूरी तरह ठेकेदार की होगी. इस तरह यह कचरा निष्पादन की व्यवस्था पर्यावरण के साथ साथ नगर निगम और ठेकेदार के लिए फायदे का सौदा बनेगी.

