ग्वालियर में फायरिंग फैशन, टशन में बरैठा टोल प्लाजा पर तड़तड़ाई गोलियां और फेंकी फेक चिट्ठी
ग्वालियर के बरैठा टोल पर फायरिंग करने वाले युवक पुलिस की गिरफ्त में. पुलिस को गुमराह करने चिट्ठी में टोल बंद करने की धमकी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 12:39 PM IST
|Updated : February 26, 2026 at 1:27 PM IST
ग्वालियर : बरैठा टोल प्लाजा पर पर्ची फेंककर फायरिंग करने वाले दो युवकों को बदमाशों को पुलिस ने 48 घंटे के अंदर दबोच लिया. पूछताछ में युवकों ने पुलिस को फायरिंग का कारण बताया. इससे साफ हुआ कि फेंके गए पर्चे में युवकों ने जिस बात का जिक्र किया था, वह केवल पुलिस को गुमराह करने के लिए किया था. पुलिस ने असल वजह का खुलासा किया है.
टोल पर छोड़ी चिट्ठी में क्या लिखा था
रविवार शाम ग्वालियर-भिंड के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा पर बाइक से आए दो बदमाशों ने टोल केबिन में कर्मचारी को चिट्ठी देकर फायरिंग की थी और फरार हो गए थे. चिट्ठी में 16 फरवरी को ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 पर हुई आकाश नाम के युवक की मौत का जिक्र था. चिट्ठी में लिखा था "अब कोई आकाश भदौरिया ग्वालियर-इटावा हाईवे पर नहीं मरेगा, या तो हाईवे बनाओ या टोल हटाओ." चिट्ठी में सरकार की विफलता का भी जिक्र किया गया था.
सीसीटीवी में कैद हुई थी घटना
फायरिंग की घटना टोल प्लाजा के बाहर बूथ के अंदर लगे सीसीटीवी में कैद हुई थी. आरोपियों को पकड़ने ग्वालियर पुलिस लगातार जुटी थी. फायरिंग करने वाले आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था, जिसकी वजह से सीसीटीवी में उसका चेहरा नहीं दिख रहा था. जांच में पुलिस ने पाया कि फायरिंग के बाद आरोपी ग्वालियर की और भागे थे.

दोनों आरोपी मुरार से गिरफ्तार
पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया "इस केस पर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ ग्वालियर एएसपी अनु बेनीवाल और विदिता डागर लगातार काम कर रहीं थीं. इसके साथ ही पूरे इलाके के सीसीटीवी फ़ुटेज देखने के लिए अलग से टीम लगायी गई थी. बुधवार को इस घटना के दोनों आरोपियों को पुलिस ने मुरार क्षेत्र के एक होटल के पास से गिरफ्तार कर लिया है. इनके नाम अश्विनी भदौरिया और निखिल चौहान हैं."
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सालभर पहले टोल ना देने को लेकर हुआ था
ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार "सालभर पहले टोल ना देने को लेकर विवाद हुआ था. शक ना हो, इसलिए केस की दिशा मोड़ने के लिए वारदात स्थल पर चिट्ठी छोड़ी थी. मामले की जांच को डायवर्ट करने के लिए हाईवे की मांग वाली चिट्ठी छोड़ी गई थी. आरोपियों का टोल टैक्स ऑपरेटर के साथ टोल देने को लेकर पूर्व में विवाद हुआ था. करीब साल भर पहले अश्विनी भदौरिया अपने पिता के साथ यात्रा कर रहा था, उस दौरान टोल टैक्स पर ऑपरेटर के साथ झगड़ा हुआ था, उसी घटनाक्रम की टशन में ये फायरिंग की गई."

