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कोर्ट के आदेश पर गुना PWD ऑफिस के सामान की कुर्की, SDO की गाड़ी भी जब्त

रिटायर्ड कर्मचारी का बकाया भुगतान नहीं करने पर गुना पीडब्लूडी ऑफिस में जड़ा ताला. कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई.

GUNA PWD OFFICE ITEMS KURKI
कोर्ट के आदेश पर गुना पीडब्लूडी ऑफिस के सामान की कुर्की (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 7:33 PM IST

3 Min Read
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गुना : गुना में लोक निर्माण विभाग के दफ्तर का सारा सामान कोर्ट के आदेश पर जब्त कर लिया गया. कोर्ट में पीडब्लूडी के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने याचिका लगाई थी. इसमें उसने विभाग पर 40 लाख रुपये बकाया होना बताया. कोर्ट में चली सुनवाई के बाद फैसला रिटायर्ड कर्मचारी के पक्ष में आया. कोर्ट के आदेश पर भी पीडब्लूडी ने बकाया भरने में असमर्थता जताई. इसके बाद कुर्की की कार्रवाई की गई.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला अदालत के कर्मचारी लोक निर्माण विभाग में कुर्की की कार्रवाई करने पहुंची. जिला अदालत के कोर्ट नाजिर ओर उनकी टीम ने विभाग के दफ्तर में रखे कूलर, पंखे, कुर्सियां, एसी सहित सारी सामग्री लोडिंग वाहन भरी और ले गई.

गुना पीडब्लूडी ऑफिस में कुर्की, एसडीओ की गाड़ी भी जब्त (ETV BHARAT)

इस सामग्री से रिटायर्ड कर्मचारी की राशि की वसूली की जाएगी. लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी एलडीसी कौशल किशोर राठौर ने वर्ष 1995 में गुना न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपने हक की लड़ाई लड़ी. आखिरकार उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने उनके हक में फैसला सुनाते हुए 40 लाख का एरियर भुगतान करने का आदेश दिया.

एसडीओ की गाड़ी भी हुई कुर्क

भुगतान नहीं करने पर लोक निर्माण विभाग के दफ्तर पर ताले लटकाते हुए एसडीओ की कार भी जब्त करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था. लोक निर्माण विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी कौशल किशोर राठौर ने बताया "मेरा 40 लाख रुपए बकाया है. इनके सामान से मेरी भरपाई हो या ना हो पर मुझे मेरा पैसा दिलाना अब कोर्ट का काम है." जिला नाजिर न्यायालय राजेश शर्मा ने बताया "पीडब्लूडी में कोई कर्मचारी के रूप में कौशल किशोर राठौर कार्यरत थे. उनके रिटायरमेंट के बाद भुगतान नहीं किया गया."

GUNA PWD OFFICE ITEMS KURKI
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई (ETV BHARAT)

रिटायर्ड कर्मचारी का 40 लाख बकाया

कोर्ट नाजिर राजेश शर्मा बताया "जब विभाग द्वारा उन्हें पैसा नहीं मिला तो वह सुप्रीम कोर्ट में गए, जहां उनकी जीत हुई, मामले डिक्री का आदेश हुआ. इसके बाद भी राशि जमा नहीं की गई. जब राशि नहीं जमा की गई तो सीजेएम मैडम द्वारा कुर्की वारंट जारी किया गया. आज की डेट कुर्की में वारंट में थी."

"इसके लिए हमारी पूरी टीम साथ में आई. कुर्की से पहले हमने सूचना दी कि राशि जमा करें. लेकिन राशि जमा नहीं करवाई गई. हमें जो आदेश मिला था, उसके अनुसार 2 गाड़ियां, टेबल, कुर्सी पंखे और अन्य सामान कुर्क कर लिया. एसडीओ की गाड़ी भी कुर्क की है."