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आगरा में कोर्ट का फैसला; तेजाब फेंकने के मामले में दोषी भाइयों को दस-दस साल की सजा, 25-25 हजार का जुर्माना

एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि रमेश चंद्र ने न्यू आगरा थाना में मुकदमा दर्ज कराया था.

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 30, 2026 at 3:34 PM IST

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आगरा : जिले में अपर जिला जज ने दस साल पुराने एक मामले में सगे भाइयों को दोषी पाए जाने पर दस-दस साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अपर जिला जज अमरजीत ने यह फैसला सुनाया है.

यह था मामला : अभियोजन की ओर से एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि डौकी थाना क्षेत्र के गांव हौद निवासी रमेश चंद्र ने न्यू आगरा थाना में मुकदमा दर्ज कराया था. वादी रमेश चंद्र ने पुलिस को बताया था कि वह एक दिसंबर 2016 को अपने साले रविंद्र के साथ स्कूटर से अपने दामाद निवासी दयालबाग के घर जा रहा था. जब रात करीब 9:15 बजे कॉलेज के ग्राउंड के सामने पहुंचा तभी, पीछे से दो बाइक पर सवार चार लोग आ गये.

आरोप था कि चार लोगों ने गाली गलौज की और बाइक रुकवा ली. हमलावरों ने अपनी बाइक आगे लगाकर रोक लिया. आरोपियों ने मारपीट की और हम दोनों पर तेजाब डाल दिया. जिसके बाद हम दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और जमीन पर गिर गए. आरोपित मौके से भाग गए. इसके बाद हम दोनों को गंभीर हालत में राहगीरों व पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुधार न होने पर निजी अस्पताल में भी इलाज चला.


अपर जिला जज अमरजीत ने दस साल पुराने जानलेवा हमला और तेजाब फेंकने के मामले में आरोपी सगे भाई रामप्रकाश व गब्बर उर्फ रामकिशोर निवासी गांव हौद, डौकी दोषी ठहराया है. अभियोजन की ओर से एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि अपर जिला जज ने दोषी सगे भाइयों को दस-दस वर्ष के कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. कोर्ट में वादी, विवेचक समेत आठ गवाह और घटना से जुड़े अहम साक्ष्य पेश किए गये. तर्क दिए कि आरोपियों का अपराध गंभीर है. इसलिए, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.




एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि न्यू आगरा थाना पुलिस ने 12 जनवरी 2017 को आरोपी रामप्रकाश को गिरफ्तार करके जेल भेजा था. इस मामले में लंबी फरारी के बाद आरोपी गब्बर ने 23 मई 2017 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था. इस मामले में विवेचक ने अहम साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ 31 मार्च और 27 मई 2017 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था.


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