5 मिनट का रास्ता और घंटों लंबा जाम, फरीदाबाद में ट्रैफिक से लोग परेशान, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
फरीदाबाद में जाम की स्थिति कैसी है? ये जानने के लिए ईटीवी भारत की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर रियलिटी चेक किया. देखें रिपोर्ट.

Published : May 22, 2026 at 2:50 PM IST
फरीदाबाद: औद्योगिक नगरी फरीदाबाद इन दिनों ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रही है. कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं, कि पांच मिनट का रास्ता तय करने के लिए घंटों जाम में खड़े रहना पड़ता है. हालांकि कुछ इलाके ऐसे हैं जहां जाम की समस्या से लोगों को निजात मिली है. फरीदाबाद में जाम की स्थिति कैसी है? ये जानने के लिए ईटीवी भारत की टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर रियलिटी चेक किया.
यहां लगता है सबसे ज्यादा जाम: सबसे ज्यादा जाम की समस्या दिल्ली-मथुरा रोड, बदरपुर बॉर्डर, एनआईटी, बाटा चौक, नीलम पुल, अजरौंदा चौक, बल्लभगढ़ बस अड्डा, सोहना मोड़, फरीदाबाद गुरुग्राम रोड, हार्डवेयर चौक, पाली रोड, पल्ला पुल, मीठापुर रोड जैसे इलाकों में देखने को मिल रहा है. सुबह 9 बजे से 11 बजे और शाम 6 बजे से 9 बजे तक हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं. दिल्ली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन का कर दिया गया है, इसके बाद भी लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रही है.
जाम के मुख्य कारण: हाईवे की सर्विस लेन पर अतिक्रमण, ऑटो और ई-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग, टूट चुकी सड़कें और बारिश के दौरान जलभराव जाम की बड़ी वजह बन रहे हैं. खासकर नीलम और बाटा रेलवे पुल पर हर दिन हजारों वाहन फंसते हैं. हालांकि दिल्ली मुंबई बड़ोदरा एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लोग दिल्ली से पलवल आते-जाते थे. उनको राहत मिली है, क्योंकि वो अब पुल के ऊपर से ही बिना जाम की किचकिच के सफर पूरा कर लेते हैं.

स्थानीय निवासियों ने बताई समस्या: ट्रैफिक जाम को लेकर स्थानीय निवासी ब्रह्मजीत ने बताया कि "पूरे शहर में जाम की समस्या है. लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं. हर जगह का एक जैसा ही नजारा रहता है, एनएचपीसी चौक की बात करें, तो यहां पर काफी ज्यादा जाम की समस्या रहती है. लोगों को 5 मिनट की दूरी तय करने के लिए लगभग एक घंटे तक का समय लग जाता है, हालांकि प्रशासन द्वारा कहा जाता है कि कहीं भी जिले में जाम नहीं लगने देंगे, लेकिन उसके बावजूद भी जाम की समस्या रहती है.:

कॉलोनियों में भी जाम की समस्या: ऑटो ड्राइवर वीर सिंह ने बताया कि "जाम की समस्या फरीदाबाद की मेन रोड पर नहीं है, बल्कि कॉलोनी में जाने वाले रास्तों पर है, क्योंकि वो रास्ते टूटे हुए हैं. ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है और जब बारिश होती है, तो उन गड्ढों में बारिश का पानी भी भर जाता जिसकी वजह से जाम की समस्या बहुत ज्यादा रहती है, लेकिन शहर की मेन रोड की बात करें तो उसमें जाम की समस्या नहीं रहती है."

फरीदाबाद के डीसीपी ने क्या कहा? फरीदाबाद के डीसीपी ट्रैफिक जगबीर सिंह ने फरीदाबाद में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम को लेकर कहा है कि "शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. अतिक्रमण, गलत पार्किंग और नियमों की अनदेखी जाम की सबसे बड़ी वजह हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. शहर के संवेदनशील पॉइंट जैसे बीके चौक, एनआईटी, बल्लभगढ़ और दिल्ली-मथुरा रोड पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार चालान अभियान चलाया जा रहा है. भारी वाहनों की एंट्री को पीक ऑवर में नियंत्रित किया जा रहा है. सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के साथ संयुक्त कार्रवाई भी की जा रही है." इसके उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि वाहन चालक सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़ा ना करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और पुलिस का सहयोग करें ताकि शहर को जाम से राहत मिल सके.

इन योजनाओं पर काम जारी: हालांकि ट्रैफिक पुलिस ही नहीं बल्कि Faridabad Metropolitan Development Authority भी जाम से निजात दिलाने को लेकर काम कर रही है और इसी कड़ी में प्राधिकरण के मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी ने बताया कि "जिले में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने को लेकर प्राधिकरण द्वारा 10 चौराहे सहित ऐसी जगह जहां पर जाम की समस्या ज्यादा रहती है. उसको लेकर जंक्शन इंप्रूवमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है. जिसके अंतर्गत जाम की मुख्य वजह और उससे निजात दिलाने को लेकर काम शामिल है. जिसको लेकर सर्वे भी करवाया जा रहा है और जल्द ही इसको लेकर काम भी शुरू हो जाएगा ताकि जाम से लोगों को निजात मिल सके."

प्रशासन की पहल: ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है. सबसे बड़ा प्रोजेक्ट आश्रम-बदरपुर कॉरिडोर को सिग्नल फ्री बनाने का है. इस योजना के तहत कई नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, ताकि रेड लाइट पर रुकने की जरूरत खत्म हो सके. इस परियोजना पर करीब 500 से 600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. फरीदाबाद-बदरपुर टोल प्लाजा और गुरुग्राम फरीदाबाद टोल प्लाजा को अगले छह महीनों में बैरियर फ्री बनाने की तैयारी चल रही है. यानी वाहन बिना रुके सीधे गुजर सकेंगे, जिससे जाम और समय दोनों की बचत होगी. वहीं दिल्ली से सोहना और फरीदाबाद को जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे और एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स भी ट्रैफिक कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. प्रशासन का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली से फरीदाबाद का सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा.

