ETV Bharat / state

रामगढ़ सड़क हादसा: किसी की उजड़ गई नई गृहस्थी तो मासूम के सिर से उठ गया पिता का साया, आठ लोगों के परिवार में मचा कोहराम

रामगढ़ में हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की जान चली गई. मृतकों के परिजन की चीख-पुकार से पोस्टमार्टम हाउस दहल उठा है.

RAMGARH ROAD ACCIDENT
पोस्टमार्टम हाउस (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 26, 2026 at 5:37 PM IST

|

Updated : June 26, 2026 at 5:45 PM IST

6 Min Read
Choose ETV Bharat

रामगढ़: 25 जून की रात, एक सवारी गाड़ी में आठ लोग सवार होकर बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए निकले. सभी ताशा बजाने वाले थे. मुजफ्फरपुर में किसी की खुशियों में वे ताशे बजाने जा रहे थे. लेकिन उन्हें क्या पता था कि वहां पहुंचने से पहले उनकी ही खुशियों को ग्रहण लग जाएगा. गाड़ी कुछ दूर ही चली थी. रामगढ़ थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास जैसे ही गाड़ी पहुंची, अचानक सबकुछ बदल गया. जो कमाने के लिए घर से विदा लेकर निकले थे, उन्होंने खुद ही दुनिया से विदा ले ली.

लारी-बरलौंग के पास कोयला लदे एक ट्रक ने इनकी सवारी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी में बैठे आठ लोगों में से सात की तो अस्पताल ले जाते वक्त ही मौत हो गई. वहीं गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. सभी शवों का रामगढ़ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया.

शुक्रवार को रामगढ़ सदर अस्पताल का पोस्टमार्टम हाउस हादसे में मृतकों के परिजनों के दर्द और चीख-पुकार का गवाह बना रहा. हर परिवार की जुबान पर अपने बेटे, भाई या पति की आखिरी बात थी और हर आंख में एक ऐसा सवाल, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है. अनोद कुमार, डेविड करमाली, पप्पू करमाली, पवन करमाली, अशोक डोम, शक्ति डोम, हेमंत कुमार महतो, मनीष कुमार..ये वो लोग हैं जिनकी इस हादसे ने जान ले ली.

शादी के दो महीने बाद ही उजड़ गया हेमंत का संसार

हजारीबाग जिले के कटहरवा गांव के रहने वाले 25 वर्षीय हेमंत कुमार महतो ने अभी दो महीने पहले ही वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी. उनके चाचा रघुनंदन महतो बताते हैं कि गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे हेमंत ने कहा था कि मुजफ्फरपुर के कार्यक्रम से लौटकर मुलाकात होगी. किसे पता था कि वही मुलाकात आखिरी साबित होगी. सुबह हादसे की सूचना मिलते ही घर का माहौल मातम में बदल गया. मां सुभद्रा देवी बेटे की मौत की खबर सुनते ही बेसुध हो गईं और नई-नवेली दुल्हन की दुनिया तो पल भर में ही उजड़ गई.

तीन महीने का बेटा अपने पिता को अब तस्वीरों में ढूंढेगा

31 वर्षीय अनोद कुमार अपने परिवार के लिए ताशा बजाकर आजीविका चलाते थे. उनके जीजा रॉबिन महतो के अनुसार, वह जल्द लौटने की बात कहकर कार्यक्रम के लिए निकले थे. पीछे पत्नी सुषमा देवी, चार वर्षीय बेटी सनम कुमारी और तीन महीने का बेटा रह गया है. पिता की गोद का एहसास पाने से पहले ही मासूम के सिर से उसका साया उठ गया.

परिवार बढ़ाने का सपना अधूरा रह गया

पवन करमाली के बड़े भाई विक्की करमाली बताते हैं कि पवन बेहद उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल होने निकले थे. करीब दो वर्ष पहले उनका विवाह हुआ था. पति-पत्नी भविष्य के सपने संजो रहे थे, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया. उनकी कोई संतान नहीं थी. अब घर में सिर्फ उनकी यादें रह गई हैं.

वापसी के इंतजार में थे दादा, मिली मौत की खबर

डेविड करमाली के दादा बढ़न राम करमाली ने बताया कि कुछ घंटे पहले ही पोते से मुलाकात हुई थी. बाद में गांव वालों ने हादसे की सूचना दी. उन्होंने बताया कि पूरा दल ताशा पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था, तभी लारी-बरलौंग के पास कोयला लदे ट्रक की टक्कर ने सब कुछ खत्म कर दिया.

डेविड के चचेरे भाई अधीन ने बताया कि उसकी उम्र महज 22 वर्ष थी. पिता अमित करमाली दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाते हैं. घर में छोटी बहन है. डेविड की शादी नहीं हुई थी और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं.

दोपहर में पैसे भेजे, रात में मिली अंतिम खबर

मनीष कुमार के छोटे भाई हरीश कुमार की आवाज अब भी थर्रा जाती है. उन्होंने बताया कि दोपहर में पढ़ाई के सिलसिले में कुछ पैसों की जरूरत पड़ी तो बड़े भाई को फोन किया. मनीष ने बिना देर किए ऑनलाइन पैसे भेज दिए. रात में फिर फोन आया, लेकिन इस बार खबर थी कि मनीष अब इस दुनिया में नहीं रहे. हरीश पहले रिम्स पहुंचे, फिर रामगढ़ सदर अस्पताल आए. उनका कहना है कि अब माता-पिता के साथ घर में केवल वही रह गए हैं. दोनों भाइयों की शादी भी नहीं हुई थी.

एक टक्कर... और कई परिवारों की खुशियां खत्म

लारी-बरलौंग के पास हुआ यह हादसा केवल आठ मौतों का आंकड़ा नहीं है. यह उन परिवारों का दर्द है, जिनके घर का कमाने वाला सदस्य चला गया, जिनकी नई गृहस्थी शुरू होते ही खत्म हो गई और जिन बच्चों ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया.

विधायक पहुंची पोस्टमार्टम हाउस (Etv Bharat)

आठ लोगों की मौत के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा भी लगा हुआ है. रामगढ़ विधायक ममता देवी भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और पीड़ितों को मुआवजा और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि नियम अनुसार जो भी प्रावधान है, उसके अनुसार परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए. यदि मुआवजा नहीं मिलेगा तो परिजनों के साथ वह खड़ी हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी पूरे मामले में अपने संवेदनाएं व्यक्त की हैं .उन्हें भी इस पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी दी गई है और उनसे मिलकर पीड़ित परिवार को अधिक से अधिक सरकारी सहायता मिले, इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा.

रामगढ़ सदर अस्पताल में शुक्रवार को मौजूद हर परिजन की आंखों में एक ही उम्मीद थी कि शायद यह खबर झूठ हो. लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रखे शवों ने उस उम्मीद को भी खत्म कर दिया. अब इन परिवारों के पास बची हैं तो सिर्फ यादें, अधूरे वादे और ऐसी खामोशी, जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं.

फिलहाल, ग्रामीण और परिजन मुआवजे को लेकर सरकार और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं. शव अभी भी पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है. जिला प्रशासन से मुआवजे को लेकर बातचीत का दौर जारी है. यदि बातचीत सफल नहीं होगी. तब ग्रामीण और परिजनों का कहना है कि वह एक्सीडेंट वाले स्थान पर ही सभी शवों को रखकर एनएच-23 को पूरी तरह जाम कर देंगे.

यह भी पढ़ें:

रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, 8 लोगों की मौत

रामगढ़ सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों सहित 8 की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा, सीएम ने जताया दुख

सड़क हादसे में पुलिस स्पेशल ब्रांच के पूर्व कर्मी की मौत, बस की टक्कर से हुई दुर्घटना

Last Updated : June 26, 2026 at 5:45 PM IST