कुरुक्षेत्र में सूर्य नमस्कार अभियान का भव्य समापन, गूंजा योग का संदेश, बाबा रामदेव बोले-"योग हमारी जीवन पद्धति"
कुरुक्षेत्र में सूर्य नमस्कार अभियान समापन पर बाबा रामदेव ने योग को जीवन पद्धति बताते हुए युवाओं को प्रेरित किया.

Published : February 12, 2026 at 3:36 PM IST
कुरुक्षेत्र: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में हरियाणा योग आयोग और विद्या भारती द्वारा आयोजित सूर्य नमस्कार अभियान के राज्य स्तरीय समापन समारोह में योगगुरु स्वामी रामदेव बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि, "योग केवल व्यायाम, ध्यान या प्राणायाम नहीं, बल्कि हमारी जीवन पद्धति है. प्रतिदिन योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है और उसमें ऊर्जा व उत्साह का संचार होता है. उन्होंने छात्रों के सामने प्राणायाम, कपालभाति और पेट घुमाकर योग क्रियाएं प्रदर्शित कीं, जिन्हें देखकर विद्यार्थी आश्चर्यचकित रह गए.

बाबा रामदेव ने किया वृक्षारोपण: कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी रामदेव और पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण और दीप प्रज्वलन कर की. इस दौरान हरियाणा योग आयोग व विद्या भारती के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और योग साधकों ने भाग लिया. वहीं, पूरा वातावरण “वंदे मातरम्” और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा.
विद्या सबसे बड़ा धन: स्वामी रामदेव ने अपने संबोधन में कहा कि, "मनुष्य आर्थिक रूप से दरिद्र हो सकता है, लेकिन विद्या से दरिद्र नहीं होना चाहिए. विद्या ऐसा धन है जो कभी नष्ट नहीं होता." उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें, क्योंकि स्वस्थ और सलीके से जीना ही सच्ची जीवनशैली है.

नए युग निर्माण का आह्वान: स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस अभियान को उन्होंने नए युग के निर्माण की भूमिका बताया. महर्षि दयानंद के योगदान को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि, "उन्होंने वेदों और सनातन धर्म का शुद्ध स्वरूप समाज तक पहुंचाया." संसद को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए उन्होंने कहा कि, "विरोध भी संसदीय मर्यादा में होना चाहिए, क्योंकि संसद आजादी का मंदिर है."

