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उत्तराखंड में एचपीवी टीकाकरण का हुआ शुभारंभ, 155 केंद्रों पर किशोरियों को फ्री लगेगी वैक्सीन

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने देहरादून से पूरे राज्य में HPV वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की.

HPV VACCINATION
उत्तराखंड में एचपीवी टीकाकरण का हुआ शुभारंभ (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 28, 2026 at 4:49 PM IST

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देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के अजमेर से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया है. इसी क्रम में देहरादून स्थित गांधी शताब्दी चिकित्सालय में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ किया. यह टीकाकरण अभियान महिला स्वास्थ्य, किशोरियों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया गया है. राज्यपाल की ओर से टीकाकरण की शुरुआत किए जाने के बाद प्रदेश-व्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है.

एचपीवी टीकाकरण का शुभारंभ करने के बाद राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, ये अभियान राष्ट्र की बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में काफी संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है. राज्यपाल ने कहा कि बेटियां राष्ट्र का भविष्य हैं और स्वस्थ नारी ही परिवार और समाज की सशक्त रीढ़ होती है.

एचपीवी टीकाकरण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला स्वास्थ्य सुरक्षा का एक मजबूत संकल्प है, जो सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
-लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) गुरमीत सिंह, राज्यपाल उत्तराखंड-

राज्यपाल ने कहा कि, भारत सरकार की ओर से बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन मिशन शुरू किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले सालों में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी. राज्यपाल ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया. इस कार्यक्रम के पहले चरण में प्रदेश भर में 155 एचपीवी टीकाकरण केंद्रों को चिन्हित किया गया है, जो सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्थित है.

जानें किन्हें लगेगा टीका: इन केंद्रों पर 14 साल उम्र की पात्र किशोरियों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर लगाया जाएगा, जिससे संक्रमण से पूर्व अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इस कार्यक्रम के तहत क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन (गार्डासिल) का उपयोग किया जा रहा है, जो एचपीवी वायरस के चार प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करती है. यह वही वैक्सीन है जिसकी निजी क्षेत्र में प्रति डोज की कीमत करीब 4 हजार रुपए है, लेकिन इसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है. राज्य में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है. साथ ही पर्याप्त मात्रा में टीके भी उपलब्ध हैं.

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में लड़कियों को लगा टीका: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित स्वर्गीय पंडित राम सुमेर शुक्ला मेडिकल कॉलेज में भी इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया. मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. उषा रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं में बच्चेदानी के कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. यह वैक्सीन बाजार में काफी महंगी होने के कारण गरीब और जरूरतमंद किशोरियों तक नहीं पहुंच पा रही थी. लेकिन अब सरकार की इस योजना के तहत पात्र किशोरियों को यह सुरक्षा कवच निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि वे किशोरियां जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं. वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर यह टीका लगवा सकती हैं. इस अभियान को पहले जिला स्तर पर और बाद में ब्लॉक स्तर पर संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके. विशेष बात यह है कि इस आयु वर्ग की बच्चियों को इस टीके की केवल एक ही खुराक दी जाएगी, जो उन्हें जीवनभर सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम मानी जा रही हैं. प्राचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 70 से 90 प्रतिशत तक प्रभावी है. उन्होंने बताया कि पहले दिन 20 बच्चों और बच्चियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई. जिले को अब तक 17,700 वैक्सीन प्राप्त हो चुकी हैं. जबकि 19,800 वैक्सीन की मांग की गई थी. उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर शेष वैक्सीन भी जल्द उपलब्ध कराई जाएंगी.

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्कूलों और समुदाय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, ताकि अभिभावकों और किशोरियों को इस वैक्सीन के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके.

जानें क्यों है जरूरी: एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीका सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा) और गले के कैंसर के साथ जननांग मस्सों (genital warts) से सुरक्षा प्रदान करता है. भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है. यह टीका 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे उपयुक्त हैजो कैंसर पैदा करने वाले वायरस के संपर्क में आने से पहले सुरक्षा देता है.

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