ETV Bharat / state

वसंतोत्सव 2026: आम लोगों के लिए खुला उत्तराखंड लोकभवन, प्रकृति की खूबसूरती को करीब से देखने का मौका

इस साल वसंतोत्सव की थीम "Floral Healing Nature's Path to Well Being" है. यहां 30 से अधिक विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगी है.

Etv Bharat
वसंतोत्सव 2026 (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 27, 2026 at 5:47 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

देहरादून: उत्तराखंड लोक भवन में हर साल की तरह इस बार भी तीन दिवसीय वसंतोत्सव 2026 का आगाज हो गया है. उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से लोकभवन में 27 फरवरी से 1 मार्च तक वसंतोत्सव का आयोजन किया गया है. इस साल वसंतोत्सव की थीम Floral Healing Nature's Path to Well Being तय की गई है, जिसमें प्रकृति और पुष्पों के जरिए मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक कल्याण को दर्शाया गया है, जिसका आम जनता लुफ्त उठा रही है.

लोकभवन में आयोजित वसंतोत्सव-2026 का राज्यपाल ने शुभारंभ किया. खास बात ये है कि इस बसंतोत्सव में भोज पत्र (Betula Utilis) के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं औषधीय महत्व पर विशेष फोकस किया गया है. स्पेशल पोस्ट कवर के रूप में भोज पत्र (Betula Utilis) का विमोचन भी किया गया.

आम लोगों के लिए खुला उत्तराखंड लोकभवन, (ETV Bharat)

प्रदर्शनी लगाई गई: कार्यक्रम के दौरान करीब 30 से अधिक विभागों और तमाम समूहों की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई है. इसके अलावा दिल्ली समेत तमाम राज्यों के पुष्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की ओर से भी पुष्प प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें अलग-अलग तरह की फूलों की जानकारी जनता को दी जा रही है.

प्रतियोगिताओं का भी आयोजन: वसंतोत्सव कार्यक्रम के दौरान आम जनता और कृषकों में पुष्प उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तमाम प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से 15 प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल 55 उप श्रेणी बनाए गए हैं. विजेताओं को बसंतोत्सव कार्यक्रम के समापन के दौरान पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा.

तीन दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज: इस मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि लोकभवन में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज हो गया है. कार्यक्रम के दौरान रंग-बिरंगे अलग-अलग तरह की फूल देखने को मिले हैं. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि प्रकृति का फूलों पर एक बड़ा आशीर्वाद है. ये फूल अर्थव्यवस्था बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में मौजूद तमाम फूलों और जड़ी बूटियां के जरिए बेहतर परफ्यूम बनाकर पूरे विश्व को दे सकते हैं. तिमरू से तैयार किया गया परफ्यूम आज विश्व भर में फेमस हो गया है.

भोज पत्र का पोस्टल कवर भी जारी किया गया: हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर विभाग ने फूल से स्वास्थ्य पर कितना बेहतर असर इसको लेकर तमाम अध्ययन भी किए हैं. इसके साथ ही भोज पत्र का आज पोस्टल कवर भी जारी किया गया है. भोज पत्र प्राचीन समय में कम्युनिकेशन का एक बड़ा माध्यम था, जिसे आज पूरी दुनिया के साथ साझा करने का काम भारतीय पोस्ट ऑफिस ने किया है.

Dehradun
प्रदर्शनी को देखते हुए राज्यपाल गुरमित सिंह (ETV Bharat)

इसके साथ ही महिला सहायता समूह की ओर से तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी यहां पर लगाई गई है, जिसको टेक्नोलॉजी पर भी जोड़ दिया गया है. इसके तहत वसंतोत्सव कार्यक्रम में आने वाले लोग क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना फीडबैक भी दे सकते हैं.

Dehradun
उत्तराखंड लोक भवन में वसंतोत्सव 2026 का आयोजन. (ETV Bharat)

2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाया जाता भोजपत्र का पेड़: ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए उद्यान विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र यादव ने कहा कि भोज पत्र का पेड़ 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाया जाता है. भोज पत्र का इस्तेमाल प्राचीन समय से ही कम्युनिकेशन का एक बेहतर जरिया रहा है और वेदों को लिखने में भी इन्हीं भोजपत्र का इस्तेमाल किया गया है, यानी ये एक नेचुरल पेपर है. यही वजह है कि इस बसंतोत्सव कार्यक्रम के दौरान भोजपत्र को थीम के रूप में शामिल किया गया है, ताकि लोगों को इसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सके. इसके साथ ही इसका संरक्षण और संगठन किया जा सके.

ETV Bharat
लोकभवन में लगी फूलो की प्रदर्शनी. (ETV Bharat)

भोजपत्र के पेड़ विलुप्त के कगार पर नहीं है, लेकिन इसके संरक्षण और संवर्धन की जरूरत है. प्राचीन समय में भोजपत्र का इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि आज इसकी इस्तेमाल नहीं किया जाता है. इसीलिए अब काफी लोगों को भोजपत्र की जानकारी नहीं है. यही वजह है कि उद्यान विभाग की ओर से भोजपत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि इसके संरक्षण के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भोजपत्र की जानकारी मिल सके.
- नरेंद्र यादव, डिप्टी डायरेक्टर, उद्यान विभाग -

यही वजह है कि पोस्टल विभाग की ओर से एक डाक टिकट भी जारी किया गया है. ताकि साल भर ये देश भर में सरकुलेशन में रहे. इस साल की थीम फ्लोरल हीलिंग रखी गई है. यानी पुष्प में वो तमाम विशेषताएं मौजूद हैं, जिससे तमाम बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. लिहाजा केमिकल दवाओं के बजाय फूलों का इस्तेमाल कर अपनी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं.

पढ़ें---